सांसद रंजीता से पुलिस ने की धक्का-मुक्की
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वीरांगना सुंदरी को परिवार और बच्चों से रखा दूर
हंगामे के बाद सांसद रंजीता कोली ने कहा कि सुंदरी से जब मैंने पूछा कि क्या उसकी तबीयत खराब है तो सुंदरी ने बताया कि उसको कुछ नहीं हुआ है। उसका कहना था कि मुझे मेरे बच्चों के पास लेकर जाइए, जिसके बाद बाहर तैनात सिक्युरिटी से मैंने रिक्वेस्ट की, सुंदरी को बच्चों के पास छोड़ दिया जाए। क्योंकि सुंदरी को बंधक बनाकर रखा है ये सरासर गलत है, जब मैंने सुंदरी को उसके घर ले जाना चाह तो, मेरे ऊपर हमला किया गया, मेरे हाथ में चोट आई है और मेरी चेन भी गिर गई है, जबकि किसी महिला को इस तरह से नहीं पकड़ सकते, पूरे देश में वीरांगनाओं का सम्मान करते हैं, और उसी वीरांगना का हाथ पकड़कर खींचना यह गलत है। वह अपने बच्चों के पास जाना चाहती है। कौन सी किताब में लिखा है कि कोई कहीं भी इलाज नहीं करवा सकता। वैसे भी जब सुंदरी को कोई परेशानी नहीं है तो उसे अस्पताल में क्यों बंधक बना कर रखा हुआ है। पहले तो राजस्थान में महिलाओं के ऊपर अत्याचार होता था अब वीरांगनाओं के ऊपर भी अत्याचार हो रहा है।