पशुओं में फैली बीमारी की जानकारी देते पशुपालक।
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गोवंश में फैले लंपी वायरस के बाद अब फिर किसी अज्ञात वायरस ने सुअरों को अपनी चपेट में ले लिया है। सुअरों में आई अचानक बीमारी से रेनवाल इलाके में करीब 800 से ज्यादा सुअरों की मौत हो गई है। अज्ञात बीमारी से क्षेत्र के सूअर पालकों में दहशत का माहौल है और वे इसे लेकर चिंतित नज़र आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पशुपालन विभाग इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। पशु चिकित्सक इसे ब्रोंकाइटिस या मामूली बीमारी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से बड़ी संख्या में सूअरों की मौत हो गई है। सूअरों की मौत से पशुपालक मायूस हैं। उनका कहना है कि सुअरों में आई बीमारी को लेकर पशु चिकित्सा विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बड़ी संख्या में सुअरों की मौत से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। साथ ही सुअरों की मौत से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। सुअर पालकों ने सरकार और प्रशासन से बीमार सुअरों का इलाज करने और सुअरों की मौत का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
इतनी ज्यादा मौत की जानकारी नहीं
इधर, पशु चिकित्सा अधिकारी सूरजमल दरिया का कहना है कि कुछ दिनों पूर्व दो-चार सूअर के बीमार होने की जानकारी मिली थी, जिनका इलाज भी किया गया था। प्रारंभिक तौर पर सुअरों के निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, सर्दी जुकाम से ग्रसित होने की संभावना है। क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में सुअरों की मौत की जानकारी नहीं है।