चित्तौड़गढ़ में सत्ता का संग्राम में नेताओं से बातचीत।
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' 6 अप्रैल को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पहुंच चुका है। यहां का हालचाल लेकर हम आप तक लोकसभा क्षेत्र की असल तस्वीर सामने रखेंगे। यहां शाम को दोनों दलों के नेताओं से चर्चा के दौर में रोजगार को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
युवाओं को भरपूर लाभ मिल रहा
भाजपा कार्यकर्ता जितेंद्र शर्मा ने कहा कि सीपी जोशी ने हर मुद्दे को जोरशोर से उठाया है। रोजगार को मोदी सरकार बहुत चिंतित है। उन्होंने स्किल इंडिया डेवलेपमेंट के नाम से जो योजना चलाई है उसका युवाओं को भरपूर लाभ मिल रहा है। यहां अलग-अलग तरह के प्लांट हैं, सीमेंट फैक्ट्रियां हैं, जहां युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
दबाव की राजनीति चल रही
कांग्रेस कार्यकर्ता शैलेंद्र सिंह ने सीपी जोशी साहब ने दस साल में सिर्फ ट्रेने रुकवाई हैं। भाजपा वाले रोजगार देने की बात करते हैं हकीकत आप फैक्ट्रियों में जाकर देख सकते हैं कहीं कुछ नहीं है। रोजगार की सच्चाई ये है कि बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों के अंदर इन नेताओं की सांठ-गांठ चल रही है। इनके धंधे फलफूल रहे हैं और हमारे पढ़े लिखे भाई-बहन बाहर जाकर नौकरी करने को मजबूर हो रहे हैं। अगर ये नेता चाहे तो इन फैक्ट्री में अपने लोकल लोगों के लिए आरक्षण तय करें तो यहां के लोगों को फायदा मिलेगा। यहां आज मेरे पास पढ़े-लिखे युवा बेरोजगारों के फोन आते हैं कि साहब फैक्ट्री में बात कर लो, नौकरी लगवा दो। हमें भी तरस आता है लेकिन कुछ कर नहीं सकते। यहां तो बस दबाव की राजनीति चल रही है।
ओबीसी मोर्चा के चंद्रशेखर सोनी ने कहा कि शिक्षा और रोजगार में सीपी जोशी ने बहुत काम किए हैं। अफीम किसानों को भी पट्टे दिलाएं है। विपक्ष की बात अलग हो सकती है, लेकिन क्षेत्र की जनता खुश है। आने वाले समय में भी जो मुद्दे हमें लगता है कि रह गए हैं उन पर भी हम काम करेंगे।
वहीं, मौके पर मौजूद आम आदमी कैलाश ने कहा कि एजुकेशन हब जैसा कोटा में है वैसा यहां होना चाहिए, ताकि यहां के लोगों को यहां रोजगार मिल जाए बाहर न जाना पड़े।