कॉलेज प्रिंसिपल की अभद्रता मामले की जांच शुरू
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अलवर जिले में स्थित गोविंदगढ़ कस्बे के सरकारी कॉलेज में प्रिंसिपल के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। कॉलेज की महिला स्टाफ की शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए टीम कॉलेज पहुंची, जहां जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया। शिकायतों के अनुसार प्रिंसिपल की ओर से शिक्षकों और छात्राओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा और व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं, जिससे कॉलेज का माहौल प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
महिला लेक्चरर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कॉलेज प्रचार्य ने एक महिला लेक्चरर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए एक शिक्षक से कहा कि ‘तूने तो एक ही दिन में इसे फांस लिया। मुझे तो कई महीने हो गए और यह मेरे घर के पास ही रहती है’। इस कथित टिप्पणी को लेकर कॉलेज स्टाफ में नाराजगी जताई गई। बताया जा रहा है कि कई शिक्षकों ने जांच टीम के सामने इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई।
छात्राओं और शिक्षकों के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप
जांच के दौरान महिला शिक्षक और छात्राओं की ओर से भी उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए। जानकारी के अनुसार, एक छात्रा को उसका भाई रोज कॉलेज छोड़ने आता था, जिस पर प्रिंसिपल ने पूरी कक्षा के सामने टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘तेरे साथ ऐसा क्या हो गया जो तेरा भाई तुझे छोड़ने आता है’। इसी तरह एक पुरुष लेक्चरर के किसी महिला लेक्चरर के साथ बैठने पर प्रिंसिपल द्वारा टिप्पणी करते हुए पूछा गया कि ‘तेरा इस मेडम के साथ कोई चक्कर चल रहा है क्या’। इन घटनाओं को लेकर कॉलेज के वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ने की बात भी सामने आई है।
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महिला कर्मचारियों को छुट्टी के बाद रुकवाने का आरोप
कॉलेज स्टाफ के कुछ सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों को छुट्टी के बाद भी कॉलेज में रोका जाता है। इसके अलावा जिन छात्राओं ने चश्मा लगा रखा है, उन्हें ‘बैटरी’ या ‘डबल बैटरी’ कहकर संबोधित किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों का विरोध करने पर कार्रवाई की धमकी भी दी जाती थी, जिससे कई कर्मचारी और छात्राएं असहज महसूस करते थे।
तीन सदस्यीय जांच टीम ने दर्ज किए बयान
इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। जांच अधिकारी मीना गौतम ने बताया कि जांच दल कॉलेज पहुंचा और पूरे मामले की क्रमवार जांच की गई। इस दौरान कॉलेज में कार्यरत स्टाफ और शिक्षकों के बयान दर्ज किए गए, वहीं छात्र-छात्राओं से भी जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट निदेशक को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई मुख्यालय के स्तर पर तय की जाएगी।