राजस्थान के 162 नगरीय निकायों में बुधवार को मतदान जारी है। दोपहर 1 बजे तक सामने आए आंकड़ों में छोटे कस्बों और नगर पालिकाओं में मतदान की रफ्तार बड़े शहरों की तुलना में तेज नजर आई। कई नगर पालिकाओं में आधे से ज्यादा मतदाता दोपहर तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके हैं, जबकि बड़े नगर निगमों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा।
दोपहर 1 बजे तक डीग जिले की सिकरी नगर पालिका में सबसे ज्यादा 81.28 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इसके बाद धौलपुर की सैंपऊ नगर पालिका में 75.50 प्रतिशत और डीग की पहाड़ी नगर पालिका में 75.44 प्रतिशत वोटिंग हुई। बालोतरा की गुड़ामालानी में 72.58 प्रतिशत, जबकि जयपुर की कनोता नगर पालिका में 71.67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
जोधपुर की तिवरी नगर पालिका में 69.92 प्रतिशत, बालेसर सत्ता में 68.80 प्रतिशत, प्रतापगढ़ की अरनोद में 68.48 प्रतिशत, भरतपुर की रूपवास में 68.11 प्रतिशत और अजमेर की नसीराबाद नगर पालिका में 67.94 प्रतिशत मतदान हुआ।
बड़े शहरों में मतदान की रफ्तार धीमी
आंकड़ों में सबसे खास ट्रेंड यह रहा कि नगर निगम क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत नगर पालिकाओं के मुकाबले कम रहा। अलवर नगर निगम में दोपहर 1 बजे तक 39.90 प्रतिशत, भीलवाड़ा नगर निगम में 36.67 प्रतिशत, भरतपुर नगर निगम में 44.33 प्रतिशत और बीकानेर नगर निगम में 20.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इससे साफ है कि छोटे निकायों में मतदाता दोपहर तक बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे, जबकि बड़े शहरों में मतदान की रफ्तार तुलनात्मक रूप से धीमी रही।
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सबसे कम मतदान बीकानेर में
दोपहर 1 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों में बीकानेर नगर निगम में सबसे कम 20.84 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इसके बाद अलवर नगर निगम में 39.90 प्रतिशत, भीलवाड़ा नगर निगम में 36.67 प्रतिशत और बांसवाड़ा नगर परिषद में 41.40 प्रतिशत मतदान रहा।
वहीं, कुछ नगर पालिकाओं में भी मतदान अपेक्षाकृत कम रहा। बारां की अंत में 49.30 प्रतिशत, झालावाड़ नगर परिषद में 45.15 प्रतिशत, प्रतापगढ़ नगर परिषद में 40 प्रतिशत और डूंगरपुर नगर परिषद में 39.28 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
दोपहर तक क्या रहा मतदान का ट्रेंड?
दोपहर 1 बजे के आंकड़े बताते हैं कि मतदान का झुकाव छोटे और कस्बाई निकायों की ओर ज्यादा रहा। सबसे ज्यादा मतदान वाले शीर्ष निकायों में लगभग सभी नगर पालिकाएं हैं। दूसरी ओर, बड़े नगर निगमों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत नीचे रहा। कुल मिलाकर शुरुआती रुझान में ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े कस्बों और छोटे निकायों में मतदाताओं की भागीदारी ज्यादा, जबकि बड़े शहरी क्षेत्रों में मतदान की गति धीमी दिखाई दी। अब दोपहर बाद मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।