राजस्थान के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था आनंद श्रीवास्तव ने शुक्रवार को अलवर में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में जयपुर रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक, डीएसपी और अलवर जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से संभाग में कानून व्यवस्था, आगामी विधानसभा चुनाव और पुलिस फोर्स की आवश्यकता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई ।
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस के पास जो भी संसाधन हैं, उनका उपयोग कर ज्यादा से ज्यादा आमजन का सहयोग करना है और अपराधियों पर लगाम कसनी है। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा चुनाव, कानून व्यवस्था और पुलिस फोर्स की आवश्यकता को लेकर चर्चा
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि आज की बैठक में विधानसभा चुनाव ,कानून व्यवस्था और पुलिस फोर्स की आवश्यकता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी पुलिस अधिकारियों ने अपने विचार रखे। बढ़ते अपराधों को लेकर उन्होंने कहा कि अपराधियों की धर पकड़ के पूरे प्रयास किया जा रहे हैं और लगातार अभियान चलाकर अपराधियों को पकड़ा जा रहा है। पुलिस अपराधियों को पकड़ने में हमेशा अग्रणी रही है। जयपुर संभाग में गत दिनों दौसा जिले में सिपाही की हत्या के मामले में सभी आरोपियों को रिकॉर्ड टाइम में गिरफ्तार किया गया। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। अलवर जिला दूसरे राज्य से लगता हुआ जिला है और यहां बाहर के लोगों की आवाजाही बहुत है। इंटर स्टेट क्रोस बॉर्डर चेक किए जाएंगे। इलाके में औद्योगिक क्षेत्र हैं। ऐसे में अपराधियों को चिन्हित करना और पकड़ना बहुत बड़ी चुनौती है। लेकिन पुलिस अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के पूरे प्रयास कर रही है और अपराधियों को पकड़ा भी जा रहा है ।
सभी जिलों में सोशल मीडिया सेल का गठन किया गया
उन्होंने बताया कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में सोशल मीडिया सेल का गठन किया गया है, जो सोशल मीडिया पर निगरानी रखेगा, जो भी नफरत फैलाएगा या किसी की धार्मिक भावना आहत करेगा, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विभाग को कड़े निर्देश
विधानसभा चुनाव में संवेदनशीलता को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां एक चुनौती है। लेकिन जयपुर संभाग में कानून व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है। संभाग में किसी भी तरह का वॉयलेशन नहीं हुआ है और पुलिस की मुस्तादी से कानून व्यवस्था नियंत्रण में है। एक हरियाणा के नूंह में घटित घटना को लेकर जरूर वॉयलेशन की बात आई थी। लेकिन अलवर जिले में कहीं भी कानून व्यवस्था के खिलाफ वायलेशन नहीं हुआ है। सीमावर्ती जिलों की पुलिस हरियाणा पुलिस के संपर्क में हैं। बॉर्डर पर नाके लगाए गए हैं। अपराधियों की आवाजाही को रोकने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस संबंध में स्थापित कर कार्रवाई करेंगे। नफरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि नए जिले बने हैं, तो वहां की आवश्यकता को देखकर प्रक्रिया चल रही है। कितनी फोर्स चाहिए, कितना बजट चाहिए, कितनी गाड़ियां चाहिए, इन सभी पर ग्राउंड लेवल पर काम किया जा रहा है और शीघ्र ही इसके परिणाम सामने दिखाई देंगे।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनद श्री वास्तव के अलावा रेंज आईजी उमेश चंद दत्ता, कोटपुतली बहरोड़ एसपी रंजीता, अलवर पुलिस अधीक्षक आनद शर्मा, भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक करण शर्मा, खेरथल एसपी सुरेंद्र सिंह, जयपुर ग्रामीण एसपी राजीव पचार, दौसा एसपी वंदिता राणा, दूदू एसपी पूजा अवाना सहित रेंज के अन्य पुलिस अधिकारी मोजूद थे।