अलवर के सिलीसेढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में एक बार फिर अवैध कब्जों और प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। करीब 17 बीघा भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा प्लॉटिंग की जा रही है। सिंचाई विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है।
भू माफियाओं ने सिलीसेढ़ तिराहे के पास फीडर चैनल पर मिट्टी डालकर उसे पाटने का काम किया है। यह चैनल सिलीसेढ़ से जयसमंद बांध तक पानी पहुंचाने का माध्यम है। अवैध कब्जों के चलते बरसात के दौरान सिलीसेढ़ का पानी जयसमंद तक नहीं पहुंच पाएगा, जिससे इलाके की जलापूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि अब्दुल रहमान केस के प्रावधानों के तहत नदी-नाले और तालाबों के 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक है। इसके बावजूद कैचमेंट क्षेत्र में कब्जा और निर्माण कार्य हो रहे हैं। सिंचाई विभाग ने इस अवैध प्लॉटिंग को रोकने और संबंधित पक्षों पर कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
यहां से शहर में पानी सप्लाई के लिए मंत्री संजय शर्मा की ओर से बड़ी पहल की गई थी। मंत्री ने इस योजना को सरकार से मंजूरी भी दिलाई है लेकिन अवैध कब्जों और प्लॉटिंग की वजह से यह योजना खतरे में पड़ सकती है। मंत्री संजय शर्मा जो विधायक रहते हुए इस मुद्दे पर धरना दे चुके हैं, ने सिलीसेढ़ से पानी सप्लाई की योजना को सफल बनाने के लिए कई प्रयास किए थे।
इससे पहले भी सिलीसेढ़ के बहाव क्षेत्र में होटलों और फार्महाउसों को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई अधूरी रही। अब भू माफियाओं ने फिर से अवैध प्लॉटिंग शुरू कर दी है। यदि यही स्थिति बनी रही तो सिलीसेढ़ से पानी सप्लाई की योजना पर पानी फिरने में देर नहीं लगेगी।
सिंचाई विभाग का इस मामले में कहना है कि अगर अवैध प्लॉटिंग को तुरंत नहीं रोका गया, तो इसका असर न केवल जयसमंद की जलापूर्ति पर पड़ेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में जल संकट गहरा सकता है।