करीब डेढ़ साल पहले जिले के खेड़ली कस्बे में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने डीएनए जांच के आधार पर आरोपी की पहचान उसे गिरफ्तार किया है। यह पहला मौका है जब पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में डीएनए जांच का सहारा लेकर किसी आरोपी की गिरफ्तारी की है।
इस मामले की रिपोर्ट पीड़िता के भाई ने थाने में दर्ज कराई थी। आरोप था कि किसी व्यक्ति ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। न्यायालय के आदेश से पीड़िता का चिकित्सकीय गर्भपात कराया गया, जिसके दौरान भ्रूण के नमूने लिए गए और उन्हें डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया।
ये भी पढ़ें: Jaisalmer News: सम में सफारी के दौरान अनियंत्रित होकर पलटी जीप, नासिक से आई महिला पर्यटक की मौत, तीन घायल
शुरुआत में रिपोर्ट में दर्ज मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस जांच की गई, लेकिन उस नंबर की लोकेशन घटना स्थल से मेल नहीं खा पाई। इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर दो लोगों को चिन्हित किया और दोनों के डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।
जांच के दौरान सामने आया कि 42 वर्षीय कुंजबिहारी, निवासी रेला (कठूमर) की डीएनए प्रोफाइल नाबालिग के भ्रूण से मेल खा गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पॉक्सो कोर्ट, अलवर में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी ने पीड़िता को धमकाया और घटना को छिपाने का दबाव डाला था, लेकिन गर्भवती होने के बाद पीड़िता को सच्चाई परिजनों को बतानी पड़ी। इसके अलावा पुलिस की वैज्ञानिक जांच में भी सच सामने आ गया। यह पहला अवसर है जब डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी की पहचान हुई है।