परिजनों ने की कार्रवाई की मांग।
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अलवर में अंतिम संस्कार के बाद लोग अपने परिजन को अस्थियां हरिद्वार में विसर्जन करने के लिए ले जाते हैं। लेकिन, जब अलवर शहर में दाह संस्कार के बाद अस्तियों के ऊपर से फूल गायब हो जाते हैं तो मृतक के परिजनों को भारी ठेस पहुंचती है। ऐसा ही मामला अलवर के प्रताप बंद श्मशान घाट में देखने को मिला है, जहां 26 जून को नवाबपुरा मोहल्ले में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला का देहांत हो गया। 2 दिन बाद परिजन तीये की बैठक करने आए और फूल लेने आए थे तो उन्हें उनकी माताजी की हस्तियों पर फूल नहीं मिले।
पीड़ित राजेश अग्रवाल ने बताया कि हम यहां आए तो सफाई कर्मचारी से पूछताछ की लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सूचना पर नगर निगम के अधिकारी राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने बताया कि गलती हुई है। सफाई कर्मचारियों ने आपकी माताजी के फुल वहां से हटा दिए थे। पीड़ित परिवार ने कहा कि हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है उसका हम क्या करें। प्रशासन को इस बात पर पूरा ध्यान देना चाहिए, जिन सफाई कर्मचारियों ने इस तरह की लापरवाही की है उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।