जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले में घुसी कार की चपेट में आने से मरे सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह चौधरी की गुरुवार को गांव माजरा काठ में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गयी। हाइवे से गांव तक युवाओं ने शाहीद सुरेंद्र सिंह अमर रहे के नारों के साथ शव को गांव पहुंचाया।
गांव के शमशान स्थल पर उनके बेटे आकाश ने सुरेन्द्र सिंह की चिता को मुखाग्नि दी। जयपुर यातायात पुलिस के एसपी सागर राणा के साथ आये पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में बलबीर छिल्लर, मुंडावर विधायक ललित यादव, झुंझनु विधायक राजेन्द्र सिंह भांबू, पूर्व विधायक मनजीत सिंह, भाजपा नेता बलवान सिंह, एसडीएम महेंद्र यादव, नीमराणा एएसपी शालिनी राज, डीएसपी सचिन शर्मा ने पुष्प चक्र अर्पित किए।
एएसआई सुरेंद्र सिंह 1992 में कांस्टेबल पद पर पुलिस में भर्ती हुए थे। वे तीन बहनों के इकलौते भी थे। उनके पिता रोहिताश्व चौधरी यरमी से कैप्टन पड़ से रिटायर है। माता संतोष गृहणी हैं। पत्नी सविता उर्फ मुन्नी जयपुर में ही स्कूल टीचर है। आकाश एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद गंगानगर में इंटर्नशिप कर रहा है। बेटी कोमल यूपीएससी की तैयारी कर रही है। सुरेंद्र का शव गांव पहुंचने के बाद उसकी पत्नी और मां बेसुध हो गयी थी।