देश की राजधानी दिल्ली व प्रदेश की राजधानी जयपुर के मध्य एनसीआर में आने वाले अलवर के हालात बहुत खराब हैं। अलवर जिले से राजस्थान सरकार में वन मंत्री संजय शर्मा और केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव जब मंत्री बने तो जनता को कुछ सुधार होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन इसके विपरीत जनता की उम्मीदें अब धराशायी होती नजर आ रही हैं। मंत्रीजी गायब हैं तो अलवर प्रशासन अपनी मस्ती में मस्त है।
शुक्रवार देर शाम को निर्वाणा होटल के सामने सामान से भरा हुआ एक ट्रक सड़क में धंस गया। यही हालात शहर की अन्य सड़कों के भी हैं। सड़कें जगह-जगह से टूट रही हैं और वाहन उनमें फंस रहे हैं। डेढ़ महीने पहले भी एक रिक्शा इसी जगह पर धंस गया था और उसमें बैठी सवारियां घायल हो गई थीं। इसके बाद भी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली और वहां केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया।
प्रदेश में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण चारों तरफ कचरे के ढेर लगे हुए हैं। अब जाकर पांच दिन बाद प्रशासन चेता और पुलिस सुरक्षा के बीच शहर की सफाई हुई। अलवर के मंत्री और विधायक संजय शर्मा नदारद हैं, जनता की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।