अलवर के पशु चिकित्सालय में तैनात एक डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार को उसका शव अस्पताल में पड़ा हुआ मिला। मामले की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उसके गले पर निशान मिला है। ऐसे में अभी साफ नहीं है कि चिकित्सक की हत्या की गई है या उन्होंने आत्महत्या की है।
बता दें कि भवानी तोप स्थित पशु चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक एसडी शर्मा की मंगलवार को संदिग्ध अवस्था में मौत हुई है। पशुपालन विभाग में भवानी तोप स्थित चिकित्सालय में ऑफिस का दरवाजा भीतर से बंद था। दोपहर दो बजे जब आफिस बंद करने के लिए स्टाफ ने डॉ एसडी शर्मा का दरवाजा खटखटाया, तो उन्होंने नहीं खोला। इस पर वहां मौजूद स्टाफ ने गेट को तोड़ दिया। डॉक्टर के गले में घाव के निशान थे। इनको एक निजी चिकित्सालय में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके कार्यालय में एक धारदार ब्लड मिला है, जिससे लगता है कि इन्होंने स्वयं ही अपने हाथ से अपना गला काटा है।
यह आत्महत्या है या हत्या?
मृतक के दोस्त कवि विनीत चौहान का कहना है कि शर्मा को ऐसी कोई परेशानी नहीं थी, जिससे लगता है कि वो अपना स्वयं का गला काट सके। इनका एक पुत्र और एक पुत्री हैं। यह जांच का विषय है कि यह आत्महत्या है या हत्या? यह मूलत अलवर शहर के निवासी थे। पुलिस ने कहा कि मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों के हवाले किया जाएगा। परिजनों की तरफ से भी अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस ने कहा, मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने कहा कि मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई है। उनके बच्चे बाहर रहते हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद पशु चिकित्सालय में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या और आत्महत्या का पता चल सकेगा।