अलवर के राजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कल देर रात बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से चाचा-भतीजा गम्भीर रूप से झुलस गए। दोनों को अलवर रेफर किया गया है। भतीजे की हालत अभी नाजुक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार अनावड़ा निवासी जितेंद्र सिंह मीणा और उसका चाचा शियाराम मीणा दोनों मिलकर अपने पावर हाउस धमरेड से शट डाउन लेने के बाद दुलीचंद का बास की 11 हजार KV की लाइन का फाल्ट सुधार रहे थे। चाचा शियाराम मीणा ने बताया कि कल घर के सामने से जा रही लाइन में फाल्ट हो गया था। उसको सुधारने के लिए मेरे भतीजे जितेंद्र सिंह मीणा ने पावर हाउस के लाइन मैन सुरेश चंद सैनी से शट डाउन ले लिया था और हम दोनों चाचा-भतीजा लाइन के फाल्ट को सुधारने में लग गए थे।
उधर, लाइनमैन सुरेश लगातार हमारे साथ फोन के माध्यम से संपर्क में था, लेकिन तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने पावर हाउस के अन्य कर्मचारी को फोन के माध्यम से गलत सूचना दे दी कि दुलीचंद का बास वाली लाइन का फाल्ट सही कर दिया। आप उसको सुचारू कर दो। बिना लाईनमैन से पूछे दूसरे कर्मचारी ने लाइन को चालू कर दी। लाइन चालू करने के बाद चाचा और भतीजा दोनों करंट की चपेट के आ गए और खंभे से सीधे नीचे जमीन पर आ गिरे। करंट से वो दोनों झुलस भी गए और दोनों के अंदरूनी चोट भी आई है। गनीमत ये रही कि वह लाइन से दूर जाकर गिरे जिसकी वजह से दोनों बच गए। दोनों घायलों को पहले राजगढ़ भर्ती कराया गया, लेकिन दोनों की हालत को देखते हुऐ दोनों चाचा-भतीजा को अलवर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अभी भतीजे की हालत नाजुक बनी हुई है।
दोनों का इलाज जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में जारी है। वहीं चाचा शियाराम ने पावर हाउस के जेईएन के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाए कि जेईएन ने अपनी मनमर्जी के चलते लापरवाह लोगों को पावर हाउस में लगा रखा है। जिसने कल भी बिना पूछे लाइट सुचारू कर दी और जब घटना का पता चला तो वह पावर हाउस से फरार हो गया। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाइए, ताकि ऐसी दुर्घटना दोबारा से न हों। भतीजा जितेंद्र मीणा खुद लाइट सही करने का काम करता है।