सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़ने से अब पर्यटकों की मौज हो गई है। यहां आने वाले पर्यटकों को अब रोजाना बाघों के दीदार होने लगे हैं। काला पानी, आल ग्वाल, तारुनड्डा जैसी साइट्स पर लगातार बाघों का मूवमेंट बना हुआ है। बाला किले के आसपास सरिस्का के बफर जोन में भी बाघों की अच्छी साइटिंग होती है लेकिन यहां किले में विराजमान करणी माता के नवरात्र मेले के शुरू होने के बाद से यह साइटिंग अब बंद हो गई है।
सरिस्का में इस समय कुल 43 बाघ और बाघिन हैं। इनमें से बफर जोन का एक बाघ एसटी 2303 पिछली 15 अगस्त को सरिस्का छोड़कर हरियाणा की ओर चला गया था, जो अब तक वापस नहीं लौटा है। सरिस्का का कोर एरिया 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुल गया है और कल ही यहां पर एसटी 9 टाइगर पर्यटकों को दिखाई दिया है। बाघ की साइटिंग का आनंद कल सफारी पर गए पर्यटकों ने काफी देर लिया। यह बाघ पानी पीकर वापस लौटता हुआ दिखाई दिया। उधर सरिस्का के कोर एरिया से कुछ गांवों की शिफ्टिंग भी की जा रही है। यदि यह संभव हो गया तो बाघों के लिए बड़ा हिस्सा मिल जाएगा और उनकी साइटिंग भी बढ़ जाएगी।
बाघों की साइटिंग के लिए पर्यटकों का आना भी निरंतर जारी है और रोजाना करीब सात सौ पर्यटक सफारी के लिए जंगल मे एंटर हो रहे हैं। इन दिनों सफारी के लिए गाड़ियां भी खाली नहीं हैं और ज्यादातर गाड़ियां ऑनलाइन ही बुक की जा रही हैं। आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और भी इजाफा होने की उम्मीद की जा रही है।