भाजपा और कांग्रेस ने इस बार अलवर में दो यादवों पर दांव लगाया है। पिछली बार कांग्रेस से भंवर जितेंद्र सिंह ने यहां से चुनाव लड़ा था और 3 लाख से ज्यादा वोटों से हार गए थे। इस बार उन्होंने खुद चुनाव में खड़े होने के बजाय ललित यादव को मैदान में उतारा है। भाजपा के प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और कांग्रेस प्रत्याशी एवं मौजूदा विधायक ललित यादव के बीच कांटे का मुकाबला है। भूपेंद्र यादव अपने चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को भुना रहे हैं, वही ललित यादव इस गारंटी को महज एक जुमला बताते हुए चुनाव प्रचार में पार पाना चाहते हैं।
ललित अपने प्रचार में भूपेंद्र को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए मोदी के हर वायदे को जुमला करार दे रहे हैं, जबकि भूपेंद्र यादव मोदी की गारंटी को अपनी जीत का आधार बना रहे हैं। भूपेंद्र यादव का कहना है कि हर घर को नल और नल से पानी ही उनकी और मोदीजी की गारंटी है।
उधर ललित यादव का कहना है कि मोदी 2014 से ही जुमलों की राजनीति करते आ रहे हैं। आज तक ना तो लोगों को 15 लाख मिले और न ही बेरोजगारों को रोजगार मिला। पानी के सवाल पर ललित यादव का कहना है कि उनकी सरकार ने ईआरसीपी संबंधी सारे कागज तैयार कर लिए थे लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने इस काम को आगे नही बढ़ने दिया और अब पानी की बात कर रहे हैं। ललित यादव ने कहा कि चुनाव के बाद भूपेंद्र आम जनता से मिलेंगे भी नहीं।