GST इंस्पेक्टर को ले जाती टीम।
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भिवाड़ी में एसीबी की कार्रवाई में गिरफ्तार जीएसटी के एक इंस्पेक्टर और संविदाकर्मी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उन्हें 12 सितंबर तक के लिए जेल भेज दिया गया। डीएसपी परमेश्वर यादव ने बताया कि आरोपी ने 1.40 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। एसीबी टीम ने इन्हें मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। टीम ने ये कार्रवाई सोमवार देर शाम की थी।
पकड़े गए आरोपी इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह और संविदाकर्मी भाव सिंह जीएसटी के सेक्शन-डी में कार्यरत हैं। भिवाड़ी एसीबी ने बताया कि इन्होंने एक फर्म के रजिस्ट्रेशन को कैंसिल करवाने की एवज में पांच लाख की रिश्वत मांगी थी। भिवाड़ी एसीबी के डीएसपी परमेश्वर दयाल ने बताया कि टपूकड़ा में किंगडम फर्म के मालिक ने उन्हें 29 अगस्त को शिकायत दी थी कि जीएसटी का इंस्पेक्टर देवेंद्र गुर्जर उनसे उनकी फॉर्म की रिकवरी निकालना और फॉर्म का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की धमकी देकर उनसे 5 लाख रुपये रिश्वत राशि की मांग कर रहा है।
इस पर ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया तो शिकायत सही पाई गई। उसके बाद सोमवार को एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया और भिवाड़ी बाईपास पर स्थित जीएसटी कार्यालय में देवेंद्र गुर्जर और उनके सहायक कर्मचारी भाव सिंह जो संविदा पर लगा हुआ है उसको रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी ने युवक को 10 हजार रुपये इंडियन करेंसी और एक लाख तीस हजार रुपये डमी करेंसी देकर इंस्पेक्टर देवेंद्र गुर्जर के पास भेजा। देवेंद्र गुर्जर ने अपने सहायक कर्मचारी भाव सिंह को रिश्वत राशि देने की बात कही। जैसे ही परिवादी रिश्वत राशि देकर बाहर निकला वैसे ही एसीबी टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।
एसीबी डीएसपी परमेश्वर दयाल ने बताया कि आरोपी देवेंद्र गुर्जर ने पूछताछ में बताया है कि रिश्वत की राशि अपने उच्च अधिकारियों तक भी पहुंचाता है, जो भिवाड़ी जीएसटी कार्यालय में ही कार्यरत हैं। अभी पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा। फिलहाल अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद एसीबी सीजीएसटी के उच्च अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी।