शहर में इन दिनों बड़े पैमाने पर पानी की समस्या बनी हुई है। शनिवार को शहर के चूड़ी मार्केट में स्थानीय लोगों ने इस संबंध में विरोध प्रदर्शन किया और जाम लगाया। इसके एक दिन बाद रविवार को कुछ स्थानीय लोग पार्षद के घर पर वार्ता के लिए पहुंचे। इन लोगों का आरोप है कि पानी की समस्या अवगत कराने वाले एक स्थानीय व्यक्ति को पार्षद द्वारा फोन करके धमकाया गया। इसके बाद रविवार दोपहर को स्थानीय लोग पार्षद के घर पहुंचे लेकिन पार्षद घर पर नहीं मिले।
इन लोगों का आरोप है कि लोगों को देखकर पार्षद की पत्नी ने पुलिस को मौके पर बुला लिया और वे वहां से अपने दूसरे मकान पर चले गए। लोगों का कहना है कि जब से धर्मपाल पार्षद बने हैं तब से एक दिन भी वे वार्डवासियों से नहीं मिले। उन्होंने कहा कि पार्षद धर्मपाल झूठ बोलते हैं कि उन्होंने अपने क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई पूरी की जबकि वार्ड में एक भी पानी का टैंकर नही आया और लोग आसपास के मोहल्लों से पानी ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक तो पार्षद की ओर से पानी की समस्या को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा, वहीं धमकी देकर लोगों को डराया जा रहा है, जिसे जनता सहन नहीं करेगी।
लोगों का कहना है कि एक दिन पूर्व भी पार्षद ने पुलिस को बुलाकर जाम खुलवाने की कोशिश की, जिस पर पुलिसकर्मी पार्षद के घर पहुंचे लोगों से कोतवाली थाने में आकर शिकायत देने की बात करते नजर आए। मोहल्ले वालों का कहना है कि पार्षद गलत बयानबाजी कर रहे हैं, वे कभी हमारे साथ जलदाय विभाग नहीं गए और उल्टा जलदाय विभाग के अभियंताओं से झूठ बोलकर उन्हें काम करने से भी मना कर दिया।