सार
Alwar News: राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल रायबका उमरैण में टीचरों की आपसी राजनीति से परेशान होकर ग्रामीणों ने बुधवार सुबह ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि टीचरों की आपसी राजनीति में बच्चों का गलत इस्तेमाल किया गया। कुछ टीचरों ने मिलकर बालिकाओं से नमाज पढ़ा दी ओर उसका वीडियो बना लिया।
ग्राम सेवा सहकारी समिति के सदस्य अयूब खान व जिला पार्षद आस मोहम्मद ने कहा कि टीचर में आपस में राजनीति है। मार्च महीने में उपप्राचार्य व अन्य टीचर ने मिलकर कुछ छात्राओं से स्कूल में जबरन नमाज पढ़वाई। जिसका वीडियो बनवा लिया।
इस वीडियो को आगे भेज दिया। बाद में आपस में राजनीति करते हुए सिर्फ प्राचार्य सरफू खान पर कुछ अन्य टीचर ने मिलकर आरोप लगा दिए। इसके बाद प्राचार्य को एपीओ कर दिया। जबकि इस स्कूल में उपप्राचार्य धर्मराज, शिक्षिका सरला रानी, कैलाश चंद व हरिदत्त वशिष्ठ सबसे अधिक राजनीति करने में लगे हैं। अब ग्रामीणों की मांग है कि इन टीचरों को यहां से हटाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि इस स्कूल में बिल्कुल भी राजनीति नहीं होती थी, लेकिन कुछ ऐसे टीचर आ गए जो जबरन करा रहे हैं। जबकि यहां हमेशा भाईचारा रहा है। अब कुछ टीचर इस भाईचारे को जानबूझकर खत्म करने में लगे हैं। उसी का यह नमूना सामने आया है। जिसके कारण ग्रामीणों को स्कूल बंद करना पड़ा है। अब इसका समाधान यही है कि दोषी टीचर को यहां से हटाया जाए। तभी स्कूल को खुलने दिया जाएगा। स्कूल पर ताला जड़ने के बाद उमरैण ब्लॉक के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी शिवचरण लाल यहां पहुंचे। जिन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने शिकायत की है कि कुछ टीचर राजनीति करते हैं, उनको हटाना चाह रहे हैं।
ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया है। निश्चित रूप से दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कई दिनों पहले का मामला है। नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो कैसे बना। यह जांच का विषय है, उसके बाद यहां के प्राचार्य को एपीओ कर दिया था। अब ग्रामीणों ने कई टीचर की शिकायत की है। उसके अनुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।