अलवर में पति के सामने हुए सामूहिक दुष्कर्म की पीड़ित महिला को राजस्थान सरकार की तरफ से सरकारी नौकरी देने का एलान किया गया है। पीड़िता को पुलिस कांस्टेबल बनाया जाएगा। सरकार ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीड़िता को सरकार नौकरी देने की घोषणा की थी। इसी के तहत सरकार ने पीड़िता को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं कुछ दिन पहले पीड़िता ने भी पुलिस में जाने की इच्छा जाहिर की थी। पीड़िता ने कहा था कि पुलिस में नौकरी करना चाहती है ताकि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिला सके। गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार सरकार ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए पीड़िता को नौकरी देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब इसे पारित कराने के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा।
बता दें कि इस मामले में पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी के कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया था और पीड़िता को ब्लैकमेल कर पैसे भी ऐंठे थे। अलवर पुलिस अधीक्षक पारिस अनिल देशमुख ने बताया कि थानागाजी में हुई वारदात में आरोपियों हंसराज, इंद्रराज, महेश, अशोक, मुकेश और छोटेलाल के खिलाफ करीब पांच सौ पेज की चार्जशीट पेश की गई है।
इनके खिलाफ अपहरण, मारपीट, छेड़छाड़, निर्वस्त्र करने, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल, डकैती व सामूहिक दुष्कर्म और आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। सभी गवाह, तकनीकी साक्ष्य, सीडीआर एफएसएल की रिपोर्ट, तकनीकी विशेषज्ञ के रिकॉर्ड वॉयस टेस्ट आदि भी अदालत में पेश किए गए हैं। देशमुख ने बताया कि वीडियो वायरल न हो, इसके लिए फेसबुक व यूट्यूब को पत्र लिखा गया है और एक यू-ट्यूब चैनल पर वीडियो वायरल करने के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।