सरिस्का में टाइग्रेस ST-17 ने दिया तीन शावकों को जन्म
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सरिस्का टाइगर रिजर्व में टाइग्रेस ST-17 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। अधिकारियों के अनुसार मां और शावकों की गतिविधियां फिलहाल सामान्य दिखाई दे रही हैं। यह टाइग्रेस ST-17 का दूसरा सफल प्रजनन है। इससे पहले भी वह शावकों को जन्म दे चुकी है।
वन विभाग के मुताबिक अकबरपुर रेंज में लगाए गए कैमरा ट्रैप में टाइग्रेस ST-17 अपने तीनों शावकों के साथ नजर आई। इन तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद वन विभाग की टीमों को टाइग्रेस और शावकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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वन मंत्री संजय शर्मा ने इसे प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व से यह बेहद अच्छी खबर है। टाइग्रेस ST-17 ने अकबरपुर रेंज में तीन शावकों को जन्म दिया है। बाघों के परिवार का बढ़ना राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण की सफलता की कहानी को दर्शाता है और सरकार वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि तीन शावकों का जन्म सरिस्का में चल रहे बाघ संरक्षण और पुनर्वास कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2004-05 के आसपास शिकार की घटनाओं के कारण सरिस्का में बाघ पूरी तरह खत्म हो गए थे। इसके बाद वर्ष 2008 में रणथंभौर नेशनल पार्क से बाघों को स्थानांतरित कर सरिस्का में बसाने का कार्यक्रम शुरू किया गया था। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रयास माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार तब से लगातार बेहतर प्रबंधन, सघन गश्त, कैमरा ट्रैप निगरानी, शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ाने और गांवों के पुनर्वास जैसे कदमों से सरिस्का में बाघों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है।