जस्टिस गंगाराम मूलचंदानी के साथ जेल प्रशासन के अधिकारी।
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राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश गंगाराम मूलचंदानी ने गुरुवार को कारागार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में जेल कर्मियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कैदियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। अपने संबोधन में न्यायाधीश मूलचंदानी ने कहा कि जेल प्रशासन का यह कर्तव्य है कि वे कैदियों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करें, जिसमें उनके मौलिक मानवाधिकारों का सम्मान किया जाए। उन्होंने जेल अधिकारियों से आग्रह किया कि वे कैदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का सम्मान केवल एक नैतिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हमारे संवैधानिक दायित्व का भी हिस्सा है। सभी कैदियों को उनकी वर्तमान स्थिति और पृष्ठभूमि से परे, गरिमा और सहानुभूति के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में जेल अधिकारियों ने कैदियों की मौजूदा स्थिति और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं पर चर्चा की। न्यायाधीश मूलचंदानी ने जेल अधिकारियों को मानवाधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक और संवेदनशील बनने का आह्वान किया और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जेल अधिकारियों को मानवाधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना और उन्हें कैदियों के लिए एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन करना था। आयोग अध्यक्ष के जेटीआई पहुँचने पर महेंद्र कुमार ढाबी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पारस जांगिड प्राचार्य जेटीआई, सुरेश कुमार सिंधी रिटायर्ड आरएएस तथा अशोक कुमार शर्मा ने स्वागत किया। मुख्य प्रहरी वीरपाल के नेतृत्व में गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। उन्होंने जेटीआई के ‘न्यू लॉज गार्डन’ में पौधारोपण भी किया।