अजमेर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात डकैत धनसिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने धनसिंह के कब्जे से हथियार और हैंड ग्रेनेड भी बराबर किए हैं।वृत्ताधिकारी केकड़ी के नेतृत्व में गठित टीम और सराना थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में राज्य स्तर के टॉप-25 सूची में शामिल कुख्यात हार्डकोर अपराधी धनसिंह उर्फ धनसा उर्फ धनु प्रताप सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक अजमेर की ओर से ₹25 हजार और पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण की ओर से ₹10 हजार का इनाम घोषित था।
रविवार को अजमेर एसपी वंदिता राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी धनसिंह पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से फरार चल रहा था और उस पर थाना सराना के तीन, थाना भिनाय के तीन तथा थाना दूदू (जयपुर ग्रामीण) के एक प्रकरण सहित कुल सात गंभीर मामलों में फायरिंग, अवैध हथियारों की तस्करी और अन्य अपराधों में वांछित था।
अजमेर रेंज में चल रहे टॉप वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केकड़ी शोराजमल मीणा के पर्यवेक्षण और वृत्ताधिकारी केकड़ी हर्षित शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को पीपरोली के बाहर सोकलिया रोड पर घेराबंदी के दौरान पकड़ा। पुलिस जाप्ते ने जब आरोपी को डिटेन करने का प्रयास किया, तो उसने मोटरसाइकिल से एक पुलिसकर्मी को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। हालांकि आरोपी भी बाइक से गिरकर चोटिल हो गया और भागने का प्रयास करते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से दो देशी पिस्टल मय खाली मैग्जीन, दो 12 बोर बंदूकें, छह जिंदा कारतूस और तीन हैंड ग्रेनेड विस्फोटक पदार्थ बरामद किए गए। इस संबंध में पुलिस थाना सराना में प्रकरण संख्या 102/2025, धारा 3/25 आयुध अधिनियम 1959 तथा धारा 9(बी) विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी धनसिंह के विरुद्ध अब तक कुल 51 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, अवैध हथियारों की तस्करी, लूट, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। वह थाना सराना का घोषित हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी है, जो पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए लगातार ठिकाने और मोबाइल नंबर बदलता रहता था।
पुलिस पूछताछ में धनसिंह ने अपने अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए हैं, जिनमें धीरेन्द्र प्रताप, राहुल उर्फ भवानीसिंह, जितेन्द्र सिंह, भंवरसिंह, विजेन्द्र सिंह, नवलसिंह, सूर्यप्रतापसिंह और सुमेरसिंह शामिल हैं। पुलिस अब अवैध हथियारों और विस्फोटकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के मनोबल पर अंकुश लगेगा और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत होगी। अजमेर पुलिस ने कहा है कि ऐसे हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की सख्त और सतत कार्रवाई जारी रहेगी।