अजमेर में एक नौवीं कक्षा की छात्रा को उसके पिता द्वारा मोबाइल नहीं चलाने की बात को लेकर डांटना महंगा पड़ गया। अपने पिता की डांट से नाराज छात्रा ने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गौरतलब है कि यह मोबाइल छात्रा को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा चलाई गई फ्री स्मार्टफोन योजना के तहत मिला था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मृतक छात्रा का चिकित्सकों के द्वारा पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस पूछताछ में मृतक छात्रा भूमिका, जिसकी उम्र 16 वर्ष थी। उसके चाचा कृष्णा ने बताया कि उसके पिता मनीष मिश्रा जो हलवाई का काम करते हैं। सुबह जब अपनी बेटी भूमिका को पढ़ाई के लिए कहा और उसका मोबाइल छीन कर अपने पास रख लिया। इसके बाद हलवाई के काम के लिए पुष्कर चले गए। मोबाइल छीने जाने के बाद भूमिका ने अपने कमरे में जाकर फांसी का फंदा लगा लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
फ्री स्मार्टफोन योजना के तहत मिला था मोबाइल
छात्रा के परिजनों ने बताया कि 2023 अगस्त महीने मे घुघरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में राजस्थान की कांग्रेस सरकार द्वारा फ्री स्मार्टफोन योजना के तहत भूमिका को भी एक स्मार्टफोन मिला था। इस स्मार्टफोन को वह लगातार उपयोग करती थी। इस बात से परिजन भी नाराज थे, फोन ज्यादा यूज करने से भूमिका के एग्जाम में नंबर भी काम आए थे।
मृतक छात्रा की दो बहन और एक भाई पढ़ते हैं सरकारी स्कूल में
छात्रा के परिजनों ने बताया कि भूमिका की एक बड़ी बहन विशाखा है, जिसने आठवीं तक पढ़ाई की है। उसके बाद स्कूल छोड़ दी। वहीं, तीसरे नंबर का भाई अंकित है, जो छठवीं क्लास में पढ़ता है, सबसे बहन कोमल तीसरी कक्षा में पढ़ती है। भूमिका के फांसी लगाने के बाद परिजन और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
वहीं, सिविल लाइन थाने के एएसआई रणजीत सिंह ने बताया कि सुबह जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के चिकित्सकों ने सूचना दी कि गुगरा गांव से एक 14 वर्षीय लड़की मृत हालत में अस्पताल लेकर परिजन पहुंचे हैं। चिकित्सकों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई रणजीत सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के बाद अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा मृतक का पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। जैसी भी शिकायत मिलेगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, सिविल लाइन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।