अजमेर में आयोजित संभाग स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संबोधन के दौरान ही तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इस दौरान वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अपने बचाव में जिस कुर्सी पर बैठे थे वही कुर्सी सिर पर छाते की तरह उठाकर बाहर जाने लगे। इतना होने के बाद भी मुख्यमंत्री ने भाषण जारी रखा। बादल और बारिश के साथ-साथ सीएम गहलोत भी केंद्र सरकार पर गरजते रहे। इस दौरान कुछ नेता कार्यक्रम स्थल के गेट पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, मगर कई कार्यकर्ता चले गए।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि प्रदेश की राजस्थान सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। एक बार फिर जनता कांग्रेस पर विश्वास दिखाएगी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़, कांग्रेस के गुजरात प्रभारी रघु शर्मा सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
गहलोत ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के शासन काल में संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। आप सब देख ही सकते हैं कि जब राहुल गांधी ने अडाणी का मुद्दा उठाया तो उनका क्या अंजाम हुआ। सरकार को उनकी बात का जवाब देना चाहिए था, मगर जवाब तो दूर भाजपा ने उन्हें संसद की सदस्यता से ही बाहर कर दिया।
एबीवीपी कार्यकर्ता हिरासत में
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अजमेर दौरे की खबर लगते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की तैयारी कर ली। इससे पहले ही अजमेर पुलिस ने एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आशुराम डूकिया को लॉ कॉलेज से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया। छात्र पुलिस लाइन चौराहे पर पहुंचे, जहां पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।