अजमेर जिले के किशनगढ़ में अधिवक्ता बालकिशन सुनारिया की गिरफ्तारी के मामले ने अजमेर जिले में तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को जिले के सभी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए विरोध दर्ज कराया। सुबह अजमेर में जनरल हाउस की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि गिरफ्तारी के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके बाद सभी अधिवक्ता कोर्ट परिसर से बाहर आए और मुख्य मार्ग पर पहुंचकर रास्ता जाम कर दिया। विरोध स्वरूप वकीलों ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने बैरिकेट्स तोड़ दिए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछार की, जिससे अधिवक्ता और अधिक आक्रोशित हो गए। वकील बिना ज्ञापन दिए वापस कोर्ट लौट आए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अजमेर पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन से पहले अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर से सभी पुलिसकर्मियों को बाहर निकाल दिया और उन्हें अंदर न आने की चेतावनी दी।
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एडवोकेट राहुल भारद्वाज ने बताया कि थाना अधिकारी भीकाराम काला को बर्खास्त करने, उच्च स्तरीय जांच कराने और अन्य मांगों को लेकर विरोध जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ता बालकिशन सुनारिया के साथ पुलिस ने द्वेषपूर्ण कार्रवाई की, जिससे पूरे अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है।