Rajasthan News: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर अपराधी इमरान उर्फ मोगली घायल हो गया। जेल प्रशासन के अनुसार उसने बैरक की सलाखों से सिर टकरा लिया, जिसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच JLN अस्पताल लाया गया। इमरान ने जेल में लंबे समय से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल एक बार फिर चर्चा में है। कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हत्या के बाद सुर्खियों में आई हाई सिक्योरिटी जेल में अब हार्डकोर अपराधी इमरान उर्फ मोगली के घायल होने का मामला सामने आया है। घायल इमरान को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLN) लाया गया, जहां उसका उपचार कराया गया।
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बैरक में अचानक खुद को किया घायल
जानकारी के अनुसार, जेल की बैरक में बंद हार्डकोर अपराधी इमरान उर्फ मोगली ने कथित तौर पर सलाखों से अपना सिर टकरा लिया। सिर में चोट लगने के बाद जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए JLN अस्पताल पहुंचाया। अपराधी को अस्पताल लाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और हथियारबंद जवान तैनात रहे।
पहले भी कर चुका है ऐसी हरकत
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इमरान उर्फ मोगली ने बैरक की सलाखों से अपना सिर टकराया था, जिसके चलते वह घायल हुआ था। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से उसकी निगरानी बढ़ाए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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'जेल में लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा'
वहीं, अस्पताल लाए गए इमरान उर्फ मोगली ने आरोप लगाया कि उसे जेल में लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा है। अपराधी के इन आरोपों ने हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा और वहां बंद कैदियों के साथ कथित व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
जगन गुर्जर की हत्या के बाद फिर उठे सुरक्षा पर सवाल
गौरतलब है कि अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठे थे। अब हार्डकोर अपराधी के घायल होने और उसके द्वारा प्रताड़ना के आरोप लगाए जाने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और मामले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।