देशभर में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास, आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान के अजमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में ईद के मौके पर विशेष रौनक देखने को मिली।
दरगाह के खादिम सैयद नफीस मियां चिश्ती ने बताया कि मुस्लिम समुदाय ने पूरे एक महीने तक रोजे रखकर इबादत की है, जिसके बाद आज ईद का त्योहार मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार आपसी मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। ईद के मौके पर सभी लोग एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां साझा कर रहे हैं।
अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ
अजमेर दरगाह के गद्दीनशीन एवं चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने बताया कि ईद के अवसर पर दरगाह में विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, ऐसे में सभी मुल्कों में शांति स्थापित हो और इंसानियत का संदेश कायम रहे, यही कामना की गई है।