केकड़ी नगरपालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित इस सीट पर अध्यक्ष पद के लिए अब कांग्रेस के अनिल मित्तल और भाजपा के विनीत चोरड़िया के बीच सीधा मुकाबला होगा। नाम वापसी की समय सीमा में निर्दलीय प्रत्याशी इंदिरा मित्तल और अरविंद कांसोटिया ने अपने नामांकन वापस ले लिए। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन विभाग ने अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी कर दी है। साथ ही प्रत्याशियों को चुनाव प्रतीकों का आवंटन भी कर दिया गया है। अब दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए सीधे मुकाबले में आमने-सामने हैं।
कांग्रेस के 20, भाजपा के 18 और आरएलपी के 2 पार्षद
40 वार्डों वाली केकड़ी नगर पालिका में कांग्रेस के 20, भाजपा के 18 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के 2 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद के चुनाव में आरएलपी के दोनों पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 21 है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर आरएलपी के दो पार्षदों के रुख पर टिकी हुई है। वहीं, अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आरएलपी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी की ओर से अपने सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के आदेश के अनुसार निर्णय लेने की बात कही गई है। ऐसे में मतदान से पहले आरएलपी का आधिकारिक रुख सामने आना बाकी है।
कयासों का दौर जारी
नामांकन के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल के साथ आरएलपी पार्षद राजेंद्र चौधरी की मौजूदगी को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आरएलपी के पार्षद अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन कर सकते हैं। हालांकि, आरएलपी की ओर से समर्थन को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि आरएलपी के दोनों पार्षद कांग्रेस का समर्थन करते हैं तो कांग्रेस के 20 पार्षदों के साथ यह संख्या 22 तक पहुंच सकती है। वहीं, भाजपा के पास 18 पार्षद हैं। ऐसे में आरएलपी के दोनों पार्षदों का रुख अध्यक्ष पद के चुनाव के समीकरण में महत्वपूर्ण है। अंतिम तस्वीर मतदान के दौरान ही स्पष्ट होगी।
21 सितंबर को होगा मतदान
निर्वाचक पंजीयन एवं उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई ने बताया कि नाम वापसी का निर्धारित समय समाप्त होने के साथ ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। प्रत्याशियों को चुनाव प्रतीकों का आवंटन भी कर दिया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू की जाएगी और परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। अध्यक्ष पद का मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच होने के बाद अब सभी की नजरें आरएलपी के दो पार्षदों के रुख और मतदान के दिन बनने वाले अंतिम राजनीतिक समीकरण पर टिकी हैं।
दो करोड़पति कारोबारियों के बीच सीधा मुकाबला
शपथ पत्र के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल ने अपनी कुल चल-अचल संपत्ति 12 करोड़ 18 लाख 50 हजार 585 रुपये घोषित की है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी विनीत चोरड़िया की कुल चल-अचल संपत्ति 62 करोड़ 66 लाख 38 हजार 55 रुपये बताई गई है। इस लिहाज से दोनों की घोषित संपत्ति में भले ही करीब 50 करोड़ रुपये का अंतर है, मगर दोनों दावेदार आर्थिक हैसियत के हिसाब से करोड़पति हैं। मित्तल ऑयल व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि चोरड़िया ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।
कर्ज के मामले में भी बड़ा अंतर
संपत्ति के साथ दोनों प्रत्याशियों की घोषित देनदारियां भी चर्चा में हैं। 45 वर्षीय अनिल मित्तल पर करीब 80 लाख 37 हजार रुपये की देनदारी बताई गई है। वहीं, 35 वर्षीय विनीत चोरड़िया ने करीब 62 करोड़ 69 लाख रुपये का कर्ज घोषित किया है। वाहनों के मामले में भी दोनों की स्थिति अलग है। शपथ पत्र में मित्तल के नाम दो कार, एक ट्रैक्टर और एक स्कूटी दर्ज है, जबकि उनकी पत्नी के नाम एक स्कूटी बताई गई है। दूसरी ओर, विनीत चोरड़िया के नाम शपथ पत्र में कोई वाहन दर्ज नहीं है।
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मित्तल का लंबा राजनीतिक अनुभव, चोरड़िया की पहली पारी
दोनों प्रत्याशी जैन समुदाय से हैं, मगर राजनीतिक अनुभव के लिहाज से दोनों प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि अलग है। अनिल मित्तल वर्ष 2015 से 2020 तक भाजपा से केकड़ी नगरपालिका अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे केकड़ी महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे हैं। मित्तल के अनुसार, भाजपा, एबीवीपी और अन्य संगठनों से उनका करीब 36 वर्षों का जुड़ाव रहा है। मौजूदा चुनाव में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा और अब कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। वहीं, 35 वर्षीय विनीत चोरड़िया की यह राजनीति में पहली पारी है। वे पहली बार पार्षद का चुनाव जीतकर सीधे नगर पालिका अध्यक्ष पद की दौड़ में पहुंचे हैं। उनके परिवार की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी पृष्ठभूमि का भी उल्लेख सामने आता रहा है। शैक्षणिक योग्यता के लिहाज से अनिल मित्तल बी.कॉम उत्तीर्ण हैं, जबकि विनीत चोरड़िया की योग्यता 10वीं पास बताई गई है।
बहुमत के अभाव ने बढ़ाया रोमांच
केकड़ी नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होने के साथ आरएलपी पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि करोड़ों की संपत्ति, कारोबारी पहचान और राजनीतिक अनुभव के अलग-अलग समीकरणों के बीच अध्यक्ष की कुर्सी किसके खाते में जाती है। बहरहाल, दोनों ही दलों के निर्वाचित पार्षद अपने-अपने खेमों की बाड़ेबंदी में बताए जा रहे हैं।