अजमेर की साइबर थाना पुलिस ने 6.62 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में फरार चल रहे आरोपी आदित्य को महाराष्ट्र के अमरावती से गिरफ्तार किया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने संतरे के बागों और खेतों के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया। लगातार बारिश के कारण खेतों में दलदल हो गया था और पीछा करते समय पुलिसकर्मियों के पैर बार-बार मिट्टी में धंस रहे थे। इसके बावजूद पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और आरोपी को दौड़ाकर पकड़ लिया।
दलदल भरे खेतों में पुलिस ने किया पीछा
साइबर थाना प्रभारी शमशेर खान ने बताया कि मध्य प्रदेश के नवेगांव थाना क्षेत्र का रहने वाला आदित्य साइबर ठगी के मामले में फरार चल रहा था। आरोपी की तलाश में अजमेर साइबर थाना पुलिस की एक टीम अमरावती पहुंची थी। टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी की सटीक लोकेशन का पता लगाया और उसे पकड़ने के लिए दबिश की तैयारी की।
भनक लगते ही भागने लगा आरोपी
हेड कांस्टेबल हितेंद्र बागड़ी और कांस्टेबल बाबूलाल को आरोपी का सुराग मिलते ही पुलिस टीम ने संबंधित स्थान पर दबिश दी। पुलिस की मौजूदगी की भनक लगते ही आदित्य मौके से भागने लगा। दोनों पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसका पीछा शुरू कर दिया।
आरोपी भागते हुए संतरे के बागों और आसपास के खेतों की ओर निकल गया। लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों की मिट्टी दलदल में बदल चुकी थी। ऐसे हालात में आरोपी का पीछा करना पुलिसकर्मियों के लिए भी मुश्किल हो गया।
करीब डेढ़ किलोमीटर दौड़कर दबोचा
पुलिसकर्मियों के पैर दलदल में बार-बार धंस रहे थे, लेकिन उन्होंने आरोपी का पीछा नहीं छोड़ा। करीब डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ने के बाद पुलिस टीम ने आखिरकार आदित्य को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अजमेर लाया गया है।
ठगी के पैसों और पूरे नेटवर्क की होगी जांच
पुलिस आरोपी से मामले को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन, उसके इस्तेमाल किए गए माध्यम और इस साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आरोपियों के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।