जिले के रूपनगढ़ में जमीन विवाद को लेकर हुई फायरिंग की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक श्री सहस्त्र मुनि जैन छात्रावास के बाहर जमीन को लेकर यह विवाद हुआ था, जिसमें सामने आया कि पंचायत समिति का पट्टा सरपंच ने 7 दुकानों के लिए जारी किया था। आज स्थानीय दुकानदारों द्वारा जमीन की नींव खोदी जा रही थी, इसी दौरान बीआरसी (बलवाराम चौधरी) गैंग के बदमाश स्कॉर्पियो और बोलोरो सहित अन्य वाहनों में सवार होकर आए और जमीन को अपना बताते हुए दहशत फैलाने लगे।
बदमाशों द्वारा की गई इस हरकत के बाद आसपास के दुकानदार सहित अन्य लोग इकट्ठे हो गए और पत्थरबाजी करने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें एक व्यक्ति शकील लांगा की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति नारायण कुमावत घायल हो गया, जिसका अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में इलाज जारी है। वहीं घटना से गुस्साए लोगों ने बदमाशों की जेसीबी में आग लगा दी जिसे बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बुझाया।
फायरिंग की इस घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने बोलेरो, स्कॉर्पियो, जेसीबी और डंपर सहित 5 वाहनों को जब्त कर एक युवक को हिरासत में लिया है। फिलहाल अजमेर रेंज आईजी ओमप्रकाश मेघवाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल मौके पर पुलिस का जाप्ता तैनात है और इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण व हालत नियंत्रण में हैं, आसपास के बाजार पूरी तरीके से बंद हैं।
यह है बलवाराम चौधरी
किशनगढ़ के पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया के पुत्र भंवर सिनोदिया की हत्या के आरोप में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद भू माफिया बलवाराम चौधरी के भांजे दिनेश चौधरी व उसकी गैंग के सदस्य आज इस जमीन को अपना बताकर यहां पर अपने साथियों के साथ आए थे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों के साथ हुई लाठी भाटा जंग के दौरान भागने के लिए उन्होंने फायरिंग करना शुरू कर दिया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
इधर घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा है कि "प्रदेश में नहीं थम रहा अपराध, विफल है पर्ची सरकार"। अजमेर के रूपनगढ़ से आया यह वीडियो राजस्थान में बढ़ते जा रहे जंगलराज का उदाहरण है, ऐसा लगता है कि IPS ट्रांसफर लिस्ट के इंतजार में पुलिस विभाग ने काम रोक दिया है और अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आम ग्रामीण-गरीब, व्यापारी अब असुरक्षा और खौफ के साये में जीने को मजबूर है। एक केन्द्रीय मंत्री, एक राज्य के कैबिनेट मंत्री एवं स्पीकर के जिले का यह हाल है तो बाकी जगह के हाल जनता सोच सकती है। मेरी प्रदेश की सरकार से मांग है कि ऐसा कृत्य करने वाले दबंगों पर सख्त कार्रवाई हो, जिससे प्रदेश में कानून का इकबाल कायम हो सके।
घटनास्थल पर पड़ी आरोपियों की बोलरो व मौके पर तैनात पुलिस