पुलिस गिरफ्त में अवैध बांग्लादेशी
अजमेर जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 76 वर्षीय बांग्लादेशी हुसैन सरदार उर्फ हुसैन अली को दस्तयाब किया है। इसके साथ ही अब तक कुल 26 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय, जयपुर के निर्देशानुसार राज्य भर में अवैध घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अजमेर एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि इसी क्रम में अजमेर जिले की एसपी वंदिता राणा के निर्देशन में शहर अजमेर में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और निष्कासन की प्रक्रिया को गंभीरता से अंजाम दिया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत दरगाह सीओ लक्ष्मण राम के नेतृत्व में सीआईडी जोन अजमेर, दरगाह थानाधिकारी दिनेश कुमार जीवनानी के साथ मिलकर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने शहर के दरगाह क्षेत्र में विशेष छापेमारी कर जालियान कब्रिस्तान, अन्दरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ी, बड़े पीर का चिल्ला और लंगर खाना गली जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया।
ये भी पढ़ें: Sikar News: भीषण सड़क हादसे में दो की मौत, 16 घायल, जीणमाता के दर्शन करके लौट रहे थे श्रद्धालु
एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि अभियान के दौरान मुखबिरों से मिली सूचनाओं, तकनीकी माध्यमों और स्थानीय जानकारियों के आधार पर 15 से 20 संदिग्ध खानाबदोश व्यक्तियों को डिटेन कर पूछताछ की गई। इनमें से एक व्यक्ति हुसैन सरदार उर्फ हुसैन अली ने अपनी बांग्लादेशी नागरिकता को स्वीकार किया है।
हुसैन ने पूछताछ में बताया कि वह अवैध रूप से भोमरा बॉर्डर पार कर भारत में घुसा और सियालदह (पश्चिम बंगाल) होते हुए नई दिल्ली पहुंचा। वहां कुछ समय रहने के बाद वह अजमेर आ गया और दरगाह क्षेत्र में खानाबदोश के रूप में रह रहा था। पुलिस ने उसे 5 मई को दरगाह क्षेत्र से गिरफ्तार किया और पूछताछ जारी है। एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी और अवैध रूप से रहने वाले किसी भी विदेशी नागरिक को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस अभियान को प्राथमिकता दे रहा है।