ईद उल अजहा (बकरा ईद) के मौके पर इस्लाम धर्म के मानने वाले अल्लाह की राह में सुन्नत ए इब्राहिम को अदा करने के लिए कुर्बानी करेंगे । इसके लिए कई मुस्लिम परिवारों में बकरे शाही अंदाज़ में पालकर कुर्बान किए जाते हैं ।
अजमेर दरगाह शरीफ के निकट रहने वाले एडवोकेट हाजी फय्याज उल्ला खान के परिवार में शमशेर नामक बकरे को कुर्बानी के लिए पाला जा रहा है । कुर्बानी के लिए तैयार इस बकरे शमशेर की खासियत यह है कि यह एयर कंडीशन्ड कमरे में रहता है और चारे के साथ-साथ काजू-बादाम इसकी खुराक में शामिल है । 150 किलो वजनी शमशेर की देखभाल के लिए परिवार के बड़ों के साथ-साथ घर के बच्चे हरदम मौजूद रहते हैं। आज बकरीद के मौके पर परिवार का हिस्सा बन चुके सबसे करीबी शमशेर की कुर्बानी दी जाएगी।