खून से लिखा पत्र लेकर प्रदर्शन करते कार्यकर्ता।
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छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदेश भर में विरोध लगातार जारी है। एनएसयूआई कार्यकर्ता कभी पुतला, तो कभी ज्ञापन देकर छात्र संघ चुनाव कराने की भजनलाल सरकार से मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने छात्र नेता अंकित घारू के नेतृत्व में रक्त क्रांति अभियान चलाते हुए खून से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छात्रसंघ चुनाव बहाली करने की मांग की।
एनएसयूआई पदाधिकारी अंकित घारू ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से एनएसयूआई के द्वारा प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। अजमेर में भी लगातार प्रदर्शन जारी है, लेकिन भाजपा सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। घारू ने कहा कि राजनीतिक की पहली सीढ़ी छात्र संघ चुनाव है, लेकिन सरकार के द्वारा यह चुनाव नहीं करवा कर छात्रों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
विधानसभा में बैठे बड़े-बड़े नेता यहीं से पहुंचे
अंकित घारू ने कहा कि विधानसभा में बैठे बड़े-बड़े नेता भी छात्र राजनीति से होते हुए वहां पहुंचे हैं। उन्हें सरकार पर दबाव बनाकर प्रदेश में छात्र संघ चुनाव करवाने चाहिए। इसको लेकर अजमेर में रक्त क्रांति अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं ने अपने खून से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर छात्र संघ चुनाव करवाने की अपील की है। घारू ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो इससे भी बड़ा आंदोलन कार्यकर्ताओं के द्वारा किया जाएगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान उमेश टाक, चांदमल हरनावा, जितेंद्र तिवारी, ध्रुविका, पवन सिसोदिया सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपने रक्त से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।