पुष्कर सरोवर में मरी हुई मछलियां।
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राजस्थान पर्यटन निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने तीर्थगुरु पुष्कर सरोवर में लगातार मर रही मछलियों की समस्या का समाधान करने को लेकर अजमेर जिला कलेक्टर भारती दीक्षित को पत्र लिखा। उसमें उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से जगत पिता ब्रह्मा जी के पवित्र पुष्कर सरोवर में मछलियां दम तोड़ रही हैं, जिससे सरोवर में बदबू का आलम बना हुआ है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
सावन का महीना भी शुरू हो चुका है। पुष्कर सरोवर का जल लेने के कांवड़िए भी पहुंचना शुरू हो गए है। ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था पर किसी भी प्रकार से कोई आघात नहीं लगे। इसके लिए उपयुक्त प्रबंधन के कदम उठाए जाने की विशेष जरूरत है। राठौड़ ने बताया कि इस संदर्भ में मैंने पुष्कर एसडीएम से बातचीत कर उनसे पुष्कर सरोवर में दम तोड़ रही मछलियों की समस्या का तुरंत समाधान कर उचित प्रबंधन के कदम उठाने का भी अनुरोध किया है। एसडीएम ने मुझे बताया कि सरोवर के पानी में ऑक्सीजन की कमी होने से मछलियां मर रही हैं, मछलियों को मरने से रोकने के लिए उपयुक्त कार्य किए जा रहे हैं।
राठौड़ ने कहा कि जब हमारी अशोक गहलोत की सरकार थी, तब हमारी सरकार ने पुष्कर सरोवर की 52 घाटों के जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों रुपये की लागत से विकास के कार्य शुरू किए थे, लेकिन अब वर्तमान भाजपा सरकार में पुष्कर सरोवर उपेक्षित नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को उचित कदम चाहिए। राठौड़ ने कहा कि जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत सहित सभी जन प्रतिनिधि से भी आग्रह है कि पुष्कर सरोवर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था के लिए बेहतर कदम उठाए।