प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ख्वाजा गरीब नवाज के सालाना 813वें उर्स के मुबारक मौके पर चादर पेश की गई। प्रधानमंत्री की ओर से ये चार केंद्रीय अल्पसंख्यक मामला मंत्री किरण रिजिजू को सौंपी गई है। दरगाह में चादर शनिवार को पेश की जाएगी। इस मौके पर अजमेर दरगाह के खादिम और चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सलमान चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजी चादर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की तरफ से जो चादर भेजी गई है, वो देश के 140 करोड़ देशवासियों को एक तोहफा है, मोहब्बत का... अमन का... एकता का।
हाजी सलमान चिश्ती ने कहा कि आज दो जनवरी को ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू साहब को दी गई है। यह बड़ी ही खुशी की बात है, हम इस बात का स्वागत करते हैं। जिस तरह से पिछले 10 वर्षों से प्रधानमंत्री अजमेर दरगाह के उर्स के ऊपर एक संदेश देते हैं। पूरे देशवासियों के लिए अमन प्यार, मोहब्बत और एकता का और उसके साथ एक चादर जिसको गिलाफ मुबारक कहा जाता है, वह पेश करते हैं।
हाजी सलमान चिश्ती चेयरमैन चिश्ती फाउंडेशन व गद्दीनशीन अजमेर दरगाह।
मोहब्बत सब से नफरत किसी से नहीं...
हाजी सलमान चिश्ती ने आगे कहा कि आज दिल्ली में अपने निवास प्रधानमंत्री निवास पर जब यह चादर पेश की। 4 जनवरी को अजमेर शरीफ में मंत्री किरण रिजिजू साहब और जितने भी जिम्मेदार हैं वह सब चादर पेश करेंगे। उनका हम स्वागत करते हैं। खैर मतम करते हैं और जिस तरह से हिंदुस्तान के कोने कोने से, भारत के कोने कोने से यहां पर काफी श्रद्धालु आ रहे हैं यह अपने आप में बड़ा पैगाम है। आज प्रधानमंत्री साहब ने अपनी तरफ से दरगाह के लिए जो उनकी अकीदत है, उनका जो आध्यात्मिक रुझान है और आध्यात्मिक लगाव है जो ख्वाजा गरीब नवाज की तालिमात से, दरगाह अजमेर शरीफ जो 800 साल से यह पैगाम देती रही है कि मोहब्बत सब से नफरत किसी से नहीं... तो आज आदरणीय प्रधानमंत्री की तरफ से जो चादर भेजी गई है, जो देश के 140 करोड़ देशवासियों को एक तोहफा है, मोहब्बत का, अमन का, एकता का और जो भी लोग नफरत की बात करते हैं, तोड़ने की बात करते हैं उनके लिए भी एक बड़ा सख्त संदेश है।
मोहन भागवत ने भी कही जोड़ने की बात
उन्होंने कहा कि जिस तरह मोहन भागवत ने भी कुछ दिन पहले अपने बयान में कहा कि एकता की बात करें, लोगों को जोड़ने की बात करें। जो तोड़ने की बात करेगा और यह सोचेगा कि वह हिंदुओं का लीडर बनेगा उसको किसी भी सतह पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम उस बयान का भी स्वागत करते हैं। मोहन भागवत की तरफ से और आज जो चादर आ रही है, दरगाह अजमेर शरीफ में इसका भी हम स्वागत करते हैं। यह देश जोड़ने वालों का देश है, साथ लेकर चलने वालों का देश है और सबका साथ, सबका विश्वाश और सबका प्रयास का जो नारा है वो हकीकत में उसको आज प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया है। पूरी दुनिया के अंदर कि हम सब एक हैं। मोहब्बत के साथ आगे चले और यही हमारे भारत देश की एकता की मिसाल है।
वहीं, प्रधानमंत्री की ओर से चादर सौंपे जाने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स पर अजमेर शरीफ दरगाह पर उनकी ओर से चढ़ाई जाने वाली चादर पेश की। यह भाव भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और मानवता के स्थायी संदेश के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है।"