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Ajmer News: एडीए की कार्रवाई से नाराज युवक, सुसाइड करने चढ़ा पानी की टंकी पर, पांच घंटे आश्वासन के बाद उतरा

Thu, 21 Nov 2024 06:08 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर के पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में 32 वर्षीय सुलेमान ने एडीए (अजमेर विकास प्राधिकरण) की कार्रवाई से नाराज होकर पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दी। पुलिस और अधिकारियों की पांच घंटे की मशक्कत और आश्वासन के बाद युवक नीचे उतरा। एडीए का कहना है कि दस्तावेजों में जमीन के बदले जमीन देने का कोई प्रावधान नहीं है।
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पानी की टंकी पर चढ़ा युवक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अजमेर के पृथ्वीराज योजना पंचशील क्षेत्र स्थित पानी की टंकी पर गुरुवार को एक युवक चढ़ गया। युवक की 10 साल पहले तीन बीघा जमीन ADA ने अवाप्त कर जमीन के बदले प्लाट देने की बात कही थी। 10 साल बीत जाने के बाद भी जमीन नहीं मिलने पर पीड़ित सुलेमान पानी की टंकी पर चढ़ गया। अब इसका वायरल वीडियो सामने आया है। अजमेर के पृथ्वीराज नगर स्थित पानी की टंकी पर 32 साल का युवक एडीए की कार्रवाई से नाराज होकर चढ़ गया। युवक ने एडीए पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए सुसाइड करने की धमकी दी थी। सूचना मिलने पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस और एडीए के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस समझाइश के बाद करीब पांच घंटे बाद युवक टंकी से नीचे उतर गया। पुलिस ने युवक को थाने लाकर पूछताछ की गई। 

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वहीं, एडीए अधिकारियों ने युवक को उसकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। बुधवार को एडीए की ओर से पृथ्वीराज नगर स्थित चौरसियावास निवासी सुलेमान की जमीन से कब्जा हटाया गया। इसी से नाराज होकर 32 वर्षीय सुलेमान गुरुवार सुबह पृथ्वीराज नगर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। पांच घंटे तक पुलिस और प्रशासन की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद सुलेमान नीचे उतरा, ADA अधिकारी का कहना है कि सुलेमान की दस्तावेज में जमीन के बदले जमीन देने की कोई जानकारी नहीं है।

वहीं, पीड़ित युवक सुलेमान ने बताया कि मुझे सुनवाई होने का आश्वासन दिया, जिसके बाद में नीचे उतरा हूं। कल भी मेरी मां पप्पू देवी ने अधिकारियों के पैर पड़े थे। 12 साल से अपनी समस्या को लेकर परेशान हो रहा हूं। लगातार एडीए के चक्कर काट रहा हूं। मेरी इतनी कमाई नहीं कि मैं कोर्ट तक जा सकूं। जिसके कारण ही आज मुझे यह कदम उठाना पड़ा। कल हाथ पैर जोड़ने के बावजूद भी एडीए के द्वारा फसल को बर्बाद कर दिया गया। मजदूरी कर कर यह फसल उगाई थी। मेरी यही मांग है कि मेरी पैतृक जमीन पर जमीन दी जाए।

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