अजमेर के नसीराबाद में एक मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने आठ साल के बेटे को मौत के घाट उतार दिया था। बेटा अपनी मां के प्रेम-प्रसंग के बारे जानकारी रखता था, जिसके चलते उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
अजमेर एसपी चुनाराम जाट ने बताया, 28 नवंबर को फोन के जरिए नसीराबाद सदर थाना पुलिस को घटना की सूचना मिली थी। पुलिस को बताया गया कि विष्णु मोदी की पत्थर की फैक्ट्री के सामने भीलवाड़ा-अजमेर सिक्स लाइन हाइवे और मोतीपुरा रेल लाइन के झाड़ियों में एक बच्चे की लाश पड़ी है। मृत बच्चे का हाथ प्लास्टिक की निवार से बंधे थे। साथ ही कनपटी पर गहरे घाव के निशान और गले में कपड़ा लपटा था। इसके अलावा लाश के पास एक पत्थर और जैकेट भी मिला था। ऐसे में मौका स्थिति को देखते हुए नसीराबाद सदर थाना पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज किया। साथ ही मृत बच्चे की शिनाख्त के लिए आसपास के गांव में पड़ताल की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी चुनाराम जाट के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम के प्रयास से मृत बच्चे की शिनाख्त हुई। वहीं, शिनाख्तगी के 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अवैध संबंधों में बांधा बने बेटे को उसकी मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कत्ल कर दिया था। एसपी चुनाराम जाट ने बताया, मृत बच्चे की मां केकड़ी जिले के भीनाय थाना क्षेत्र के गांव राम मालिया की निवासी 38 वर्षीय संगीता रैगर है। जबकि उसका प्रेमी केकड़ी के टाटोटी गांव निवासी 20 वर्षीय लालाराम बैरवा है। दोनों आरोपियों को विजयनगर के इंदिरा कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया।
एसपी चुनाराम ने बताया, संगीता के दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा इलाहाबाद में ननिहाल में रह रहा है, जबकि छोटा बेटा उसके साथ रहता था। संगीता का पति अजमेर में रहकर मजदूरी करता था। काम की वजह से उसका गांव में आना कम हो पाता था। वहीं, इसी बीच संगीता लालाराम बैरवा के संपर्क में आई।दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। दोनों छुप-छुपकर मिलने लगे और अवैध संबंध बनाने लगे। लेकिन यह सब संगीता का छोटा बेटा देख रहे था और अपने पिता व अन्य परिजनों को भी उसकी कलियुग मां की करतूतों के बारे में बताता था। इस कारण परिवार में अक्सर झगड़ा हुआ करता था। एसपी ने बताया, बच्चा अपनी मां और उसके प्रेमी के अवैध संबंध के बीच आ गया था। इसलिए उसकी मां और प्रेमी ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
ऐसे की हत्या
28 दिसंबर को संगीता अपने आठ साल के बेटे के साथ गांव से निकली थी। रास्ते में प्रेमी लालाराम बैरवा मिल गया। तीनों नसीराबाद आ गए, दिन भर तीनों घूमे फिरे। इस दौरान योजना के मुताबिक, लालाराम बैरवा ने बच्चे को जूस में भांग मिलाकर पिला दिया। इस पर भी जब वो अचेत नहीं हुआ तो उसे नशीला पदार्थ खाने में मिलाकर खिला दिया। इसके बाद दोनों लोग बच्चे को मोतीपुरा स्थित पत्थर की फैक्ट्री के पास स्थित जंगल में ले गए। जहां प्रेमी लालाराम ने बच्चे की मां के आंचल से फंदा बनाकर उसके गले को खींचा। हालांकि, इससे पहले संगीता ने बेटे को पकड़ा और फिर प्रेमी लालाराम ने उसे बांध दिया था। वहीं, बच्चे के जिंदा रहने के शक में प्रेमी लालाराम ने उसकी कनपटी पर बड़े पत्थर से वार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इधर, वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों विजयनगर के इंदिरा कॉलोनी में जाकर छुप गए थे।