अजमेर की पॉक्सो कोर्ट संख्या एक ने गुरुवार को 13 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 48 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
घटना की जानकारी देते हुए पॉक्सो कोर्ट संख्या एक के विशिष्ट लोक अभियोजक रूपेंद्र परिहार ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने सरवाड़ थाने में शिकायत दी थी। 11 मार्च 2023 को धूलंडी के दूसरे दिन नाबालिग अचानक गायब हो गई, जिसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। गांव के लोगों ने बताया कि प्रधान नाम का व्यक्ति उसे लेकर गया है। शक के आधार पर सरवाड़ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था।
सरवाड़ थाना पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर नाबालिग की तलाश की थी। पुलिस ने नाबालिग को एक होटल से दस्तयाब किया गया था। धारा- 161 और 164 के बयान करवाए गए। पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि आरोपी उसके गांव में आता-जाता था। मोबाइल पर उससे बातचीत होती रहती थी। धुलंडी के दूसरे दिन आरोपियों से रात्रि में घर के बाहर बुलाया और मोटर साइकिल पर बैठकर अपने साथ ले गया। जहां अलग-अलग होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। जहां पीड़िता के साथ डीएनए-एफएसएल की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
20 गवाह और 39 दस्तावेज पेश
गुरुवार को पॉक्सो कोर्ट संख्या एक में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से 20 गवाह और 39 दस्तावेज पेश किए गए। न्यायालय ने डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट की में पुष्टि होने पर आरोपी प्रधान पुत्र को 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 48 हजार का आर्थिक दंड जुर्माना लगाया। पीड़िता को छह लाख पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत दिलवाने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश ने की टिप्पणी
वहीं, मामले में न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि 13 साल के कम आयु की बालिका के साथ आरोपी उसके माता-पिता के बिना सहमति के बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसे देखते हुए अपराधी के विरुद्ध नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता।