अजमेर में कांग्रेस की गुटबाजी लगातार सामने आती रही है। यही कारण है कि बीते दस साल से आज तक अजमेर में न कांग्रेस नगर निगम में अपना बोर्ड बना पाई और न ही विधायक के चुनाव जीत पाई। अजमेर में कांग्रेसियों में एक दूसरे की टांग खींचने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, जिसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को उठाना पड़ रहा है।
इस बार भी कांग्रेस के पार्षद अपनी ही पार्टी की नेता प्रतिपक्ष को हटाने की मांग पर अड़े हैं। अजमेर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली का विरोध बढ़ता जा रहा है। 15 कांग्रेसी पार्षदों ने गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। प्रदेश आलाकमान से 10 दिन में द्रौपदी कोली को पद से हटाकर अन्य पद पर लगाने की मांग की है। पार्षदों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर पार्षद अपना नेता प्रतिपक्ष स्वयं चुनने को स्वतंत्र रहेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रदेश आलाकमान की होगी। आपको बता दें कि द्रौपदी कोली ने विधानसभा चुनाव में अजमेर दक्षिण से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिनमें उनको हार का मुंह देखना पड़ा था।
गुरुवार को आजाद पार्क स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कांग्रेसी पार्षद इकट्ठा हुए और नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली का विरोध जताया। पार्षद नरेश सत्यावना ने कहा कि द्रौपदी कोली नेता प्रतिपक्ष का पदभार ग्रहण करने से लेकर आज दिन तक निगम में भाजपा शासित बोर्ड के खिलाफ एक भी धरना-प्रदर्शन, जन आंदोलन नहीं किए गए, जिससे आम जनता को कांग्रेस पार्टी के प्रति अच्छा संदेश नहीं गया।निगम में अफसर शाही का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। द्रौपदी कोली ने किसी भी पार्षद को साथ लेकर निगम अधिकारी, महापौर को वार्डों में जनहित विकास कार्यों के कभी ज्ञापन पत्र नहीं दिए।
पार्षदों ने कहा कि कांग्रेस पार्षदों के प्रति उनका व्यवहार ठीक नहीं है। चुनाव में अजमेर शहर में कांग्रेस पार्टी के विधानसभा व लोकसभा प्रत्याशियों को पराजय का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनाव में भी द्रौपदी कोली अजमेर लोकसभा क्षेत्र के कोऑर्डिनेटर थी, लेकिन चुनाव उनके मार्गदर्शन में लड़ा गया था, जिसमें भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि मजबूरन सभी कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों ने एक बैठक कर नगर निगम अजमेर की नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है, जिसकी सूचना प्रदेश आलाकमान को भेजकर 10 दिनों में द्रौपदी कोली को नेता प्रतिपक्ष नगर निगम के पद से हटाकर किसी अन्य वरिष्ठ पार्षद को पद की जिम्मेदारी देने की मांग की है।
अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो पार्षद अपना नेता प्रतिपक्ष चुनने को स्वतंत्र रहेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रदेश आलाकमान की होगी। बैठक में गजेंद्र सिंह रलावता, नरेश सत्यावना, हितेश्वरी टाक, नकुल खंडेलवाल, सुनील धानका, श्याम प्रजापति, रश्मि हिंगोरानी सहित कई कांग्रेसी पार्षद मौजूद रहे।