फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ajmer News: कपड़े प्रेस करने वाले के खाते में 598 करोड़! इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटिस भेजा, उड़ गए होश

Wed, 08 Apr 2026 04:33 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

सड़क किनारे कपड़ प्रेस करने वाले व्यक्ति के इनकम टैक्स का नोटिस आने के बाद एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। दरअसल मामला 598 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन का है, जिसके बाद से पीड़ित हैरान और परेशान है।
विज्ञापन
कपड़े प्रेस करने वाले के खाते से करोड़ों का ट्रांसेक्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर में सड़क किनारे ठेला लगाकर कपड़े प्रेस करने वाले एक व्यक्ति को इनकम टैक्स विभाग से 598 करोड़ रुपए से ज्यादा के लेन-देन का नोटिस मिला है। नोटिस मिलने के बाद से पीड़ित गहरे सदमे और डर में है।

विज्ञापन


रामनगर क्षेत्र निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उसे 1 अप्रैल 2026 को इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिला, जिसमें करोड़ों रुपए के हीरे-जवाहरात के कारोबार से जुड़े ट्रांजेक्शन का हिसाब मांगा गया था। यह नोटिस देखकर वह पूरी तरह हैरान रह गया, क्योंकि उसका इस तरह के किसी भी कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है।

मामले में वकील राकेश ठाड़ा से सलाह लेने पर खुलासा हुआ कि जितेंद्र के पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर उसके नाम पर बैंक अकाउंट खोला गया है और उसी के जरिए भारी-भरकम लेन-देन किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जितेंद्र के पास फिलहाल उसका पैन कार्ड भी नहीं है क्योंकि करीब दो साल पहले वह खो गया था।
विज्ञापन


जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पाली निवासी एक डायमंड कारोबारी शत्रुघ्न सिंह ने जितेंद्र के पैन कार्ड का दुरुपयोग कर न सिर्फ बैंक अकाउंट खुलवाया, बल्कि उसी के आधार पर जीएसटी नंबर भी हासिल कर लिया। आरोपी ने सूरत (गुजरात) में मैसर्स मनन इंटरप्राइजेज नाम से फर्म खोलकर हीरे-जवाहरात का कारोबार भी शुरू कर दिया।

ये भी पढ़ें:  Jaipur News: महिला होमगार्ड निकली ड्रग्स रैकेट की सरगना, युवाओं को ऐसे बनाती थी निशाना

पीड़ित जितेंद्र ने इस मामले में अजमेर के गंज थाने में आरोपी कारोबारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। वहीं इनकम टैक्स विभाग ने संबंधित प्राइवेट बैंक के मैनेजर को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन


नोटिस मिलने के बाद से जितेंद्र का रोजगार पूरी तरह ठप हो गया है और वह पिछले एक हफ्ते से वकीलों और पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर है। यह मामला पहचान की चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें