फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अजमेर पुलिस का 'ऑपरेशन म्यूल हंटर': साइबर ठगी के नेटवर्क पर कसा शिकंजा, जोधपुर से 3 आरोपी गिरफ्तार; अलर्ट जारी

Wed, 30 Sep 2026 06:45 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, स्टेशन रोड स्थित यूको बैंक के एक खाते के जरिए चार अलग-अलग शिकायतों में 6.74 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी।
विज्ञापन
‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ में अजमेर पुलिस का बड़ा एक्शन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर ठगों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अजमेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशानुसार, क्लॉक टॉवर थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।  
विज्ञापन


क्या था मामला और कैसे हुई कार्रवाई?
साइबर सेल से प्राप्त बैंक विवरण और संदिग्ध ‘म्यूल खातों’ की जांच के दौरान स्टेशन रोड स्थित यूको बैंक के एक खाते में साइबर फ्रॉड की राशि आने की जानकारी मिली। साइबर हेल्पलाइन पोर्टल (1930) पर दर्ज 4 अलग-अलग शिकायतों में इस खाते के जरिए कुल ₹6,74,198 की ठगी पाई गई थी।  

पुलिस ने सबसे पहले अजमेर निवासी खाताधारक राहुल रावत (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जोधपुर के बी.एम.सी.बी. बैंक के खातों में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस टीम ने त्वरित तकनीकी विश्लेषण कर जोधपुर से जुड़े तीन मुख्य खाताधारकों को धर दबोचा।  
विज्ञापन


गिरफ्तार किए गए आरोपी
जयंत सोलंकी (उम्र 26 वर्ष), निवासी- लाल सागर, नृसिंह विहार, मंडोर (जोधपुर)  
खुशी भाटी (उम्र 24 वर्ष), निवासी- दिव्य नगर, मंडोर (जोधपुर)  
ट्विंकल शर्मा (उम्र 26 वर्ष), निवासी- जैतियावास/नयापुरा, मंडोर (जोधपुर)  
जनहित में जारी: साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानियां
पुलिस जांच में सामने आया कि ठग आम लोगों को फंसाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाते हैं। इनसे सुरक्षित रहने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें:  
म्यूल अकाउंट (किराए के खाते) न दें: लालच या कमीशन के चक्कर में कभी भी अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या चेक किसी अनजान व्यक्ति को न दें। साइबर ठगी में प्रयुक्त खाते के धारक के खिलाफ भी आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज होता है।  

टेलीग्राम टास्क और वर्क फ्रॉम होम फ्रॉड: टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर घर बैठे लाइक/सब्सक्राइब करने या टास्क पूरा करने के बदले पैसे देने वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं।  
फर्जी IPO/शेयर मार्केट निवेश: नए आईपीओ अलॉटमेंट या भारी मुनाफे का झांसा देने वाले गैर-प्रमाणित एप्स या लिंक से दूर रहें।  
सोशल मीडिया शॉपिंग फ्रॉड: इंस्टाग्राम या फेसबुक पर बहुत सस्ते दाम पर सामान बेचने वाले अनवेरिफाइड पेजों से ऑर्डर करने से बचें।  

ये भी पढ़ें- राजस्थान: जूली का बड़ा दावा- अफसरों से पंचायत चुनाव के संभावित उम्मीदवारों की सूची जुटा रही सरकार
विज्ञापन


तत्काल शिकायत दर्ज कराएं
यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। घटना के तुरंत बाद शिकायत करने से ठगी गई राशि के ब्लॉक होने की संभावना अधिक रहती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें