शहर में बारिश की वजह से रानीसर और पदमसर तालाब पूरे भर चुके है। पदमसर तालाब भरने के बाद झरने के रूप में पानी बाहर बहने लगे हैं। मान्यता के चलते पूजा अर्चना करने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
जोधपुर शहर में पिछले 3 दिनों से तेज बारिश होने की वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया है। यहां के ऐतिहासिक रानीसर और पदमसर तालाब पूरे भर चुके है। पदमसर तालाब भरने के बाद झरने के रूप में पानी बाहर बहने लगे हैं। करीब 6 वर्षों बाद रानीसर पदमसर तालाब भरने के बाद से शहरवासियों की भीड़ तालाब पर उमड़ पड़ी। मान्यता है कि ओवरफ्लो होने पर (जिसे मारवाड़ी में ओटा कहते है) लोगों द्वारा उसकी पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता के चलते पूजा अर्चना करने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी तो लोग पिकनिक और झरने का भी आनंद उठा रहे है।
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जालोर में भारी बारिश से सड़कें बनी नहर, स्कूल बंद
जालोर शहर समेत भीनमाल, सांचोर, सायला, रानीवाड़ा में जमकर मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के बाद क्षेत्र के नदी और नाले उफान पर है। उधर पहाड़ी इलाकों में भी बारिश होने से झरने शुरू होने के बाद मौसम सुहावना हो गया। नगर की प्रमुख सड़कें भी गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। जल निकासी की ठोस व्यवस्था न होने से सड़कें लबा-लब है। साथ ही जर्जर सड़कों से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। गहरे गड्ढे में पानी भरे होने की वजह से सड़क के टूटे होना का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वाहन कई बार दुर्घटनाग्रस्त होते होते बच रहे है। पानी की निकासी न होने की वजह से भी कई कॉलोनियों में पानी भर जाता है।
कई नालों पर अतिक्रमण कर लोगों ने पानी जाने का रास्ता कम कर दिया है। उधर, नालों के अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की नींद नहीं खुली है। बालसमंद में भी पानी की आवक हो रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों से नदियों में बढ़ रहे पानी को लेकर स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश को देखते हुए स्कूलों में छूट्टी कर दी गई है। भारी बारिश की संभावना देखते हुए सांचौर, आहोर, बागोड़ा, सरनाऊ और चितलवाना ब्लॉक के स्कूल बंद कर दिए गए है। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने पीईईओ और संस्था प्रधान को अवकाश रखने के निर्देश जारी किए हैं।