राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस्तीफे के बाद जहां कांग्रेस सरकार बनाने की तैयारियों में जुटी हुई है। वहीं, जबरदस्त हार के बाद भाजपा अब राज्य यूनिट में बदलाव करने की कवायद में जुट गई। पार्टी कुछ ऐसे चेहरों को तलाश कर रही है, जो राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन सके। वहीं पार्टी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी की जगह किसी और को इस पद पर नियुक्त करने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा राज्य में संगठनात्मक बदलाव करने का मन बना चुकी है। वहीं सदन में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा, इस पर भी माथापच्ची जारी है। सूत्रों ने बताया कि वसुंधरा ने विपक्षी दल का नेता बनने से इंकार कर दिया है। जिसके बाद पार्टी कुछ नामों पर गौर कर रही है।
इस पद के लिए सबसे आगे नाम पूर्व पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ का नाम सबसे आगे चल रहा है। राठौड़ के अलावा पहली बार विधायक बने सतीश पूनिया का नाम भी रेस में है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दोनों ही नेताओं को संगठन में कामकाज का लंबा अनुभव है।
सूत्रों ने बताया कि सतीश पूनिया को प्रदेश का अध्यक्ष का पद भी दिया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेशाध्यक्ष पद में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम भी लिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे में जब 2019 लोकसभा चुनाव में 5 माह ही शेष हैं, ऐसे में किसी वरिष्ठ और अनुभवी व्यक्ति को ही इस पद पर बैठाया जा सकता है।
वहीं सूत्रों ने बताया कि वसुंधरा को केंद्र में भेजा जा सकता है। इससे पहले पूनिया और शेखावत का प्रदेश अद्यक्ष पद की दौड़ में भी शामिल रहा था, लेकिन वसुंधरा की जिद के चलते इन नामों पर सहमति नहीं बन पाई।