भरतपुर की पॉक्सो कोर्ट नम्बर-1 ने शनिवार को सजा सुनाई। जानकारी के अनुसार, 2021 में भरतपुर जिले की नगर तहसील में एक नाबालिग बच्ची शौच के लिए जंगल गई थी। तभी गांव का ही निवासी आरोपी दयाराम बच्ची को जबरन उठाकर अपने साथ ले गया
भरतपुर में पॉक्सो कोर्ट ने 13 साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा और 50 हजार के अर्थदंड से दंंडित किया है। कोर्ट में आरोपी के खिलाफ 15 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए गए थे।
यह है पूरा मामला
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भरतपुर की पॉक्सो कोर्ट नम्बर-1 ने शनिवार को 13 साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के दोषी दयाराम को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार का जुर्माना लगाया। जानकारी के अनुसार, 2021 में भरतपुर जिले की नगर तहसील में एक नाबालिग बच्ची शौच के लिए जंगल गई थी। तभी गांव का ही निवासी आरोपी दयाराम बच्ची को जबरन उठाकर अपने साथ ले गया और एक सुनसान कोठरी में ले जाकर साफी से उसका मुंह बांधकर दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद बच्ची बेहोश हो गई। तो आरोपी उसे मरा समझकर वहां से चला गया।
15 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए गए
दुष्कर्म के बाद बेहोशी से बाहर आई बच्ची कहराते हुए अपने घर आई। पीड़ित बच्ची से जब परिजनों ने बिगड़ी हालात का कारण पूछा, तो रोते-रोते उसने इस घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों ने तुरंत पुलिस थाने जाकर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चालान पेश किया। कोर्ट में 15 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए गए। न्यायाधीश ने दस्तावेज और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी दयाराम को धारा 376 और पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत दोषी मानते हुए 20 साल की कठोर जेल की सजा और 50 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।