राजस्थान में बेमौसम बरसात व ओलों से हुए फसल खराब के बाद अब तक 42 किसानों की मौतें दर्ज हुई हैं। बुधवार देर रात भरतपुर जिले की कम्हेर पंचायत समिति के गांव सांतरूक के एक किसान ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले अलवर जिले के किसान ने ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी थी।
राजस्थान में कई सीमांत किसान अपनी फसल बर्बाद होने से सदमें में हैं। सांतारूक निवासी किसान टीटू बुधवार को देर रात अपने कमरे में फंदे पर पंखे से लटका मिला।
राजस्थान सरकार के द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार रवि फसल की कुल बुवाई 65 लाख हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में की गई थी। वर्षा व ओलों के कारण 25 लाख से अधिक क्षेत्र में फसल नष्ट हो गई हैं। सरकार मुआवजा भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान होता है, जो खेत में लगी लागत के बराबर भी नहीं है।