जैसलमेर में पिछले दिनों पाक विस्थापितों के अतिक्रमण हटाने के बाद हुए हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद अब पाक विस्थापितों के लिए जमीन चिह्नित कर वहां पर समतलीकरण का कार्य शुरू हो गया हैं। कलेक्टर द्वारा एक सप्ताह में वादा पूरा करने पर पाक विस्थापितों में खुशी की लहर है। वहीं, एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर जिला कलेक्टर का धन्यवाद दे रहे हैं।
जैसलमेर जिला मुख्यालय के पास अमरसागर क्षेत्र में यूआइटी की तरफ से जिन पाक विस्थापितों के अवैध कब्जे हटाए गए थे, उन्हें अब प्रशासन की पहल पर मूलसागर गांव में बसाया जाएगा। जानकारी के अनुसार यआइटी की तरफ से पाक विस्थापितों के लिए मूलसागर गांव में खसरा 72 व 73 मैं जमीन का समतलीकरण करने के लिए जेसीबी चलाई गई।
प्रशासन व पाक विस्थापितों के प्रतिनिधियों को मौजूदगी में हो रहा है कार्य
यूआईटी के सहायक अभियंता रविकुमार दैया और मूलसागर सरपंच के साथ पाक विस्थापितों के प्रतिनिधि आदि की मौजूदगी में प्रशासन ने जेसीबी मशीनों से जगह का समतलीकरण करवाया जा रहा। इससे पहले भील समाज के प्रतिनिधियों ने पारम्परिक रूप से वृक्ष का पूजन किया और एक दूसरे को मिठाई खिलाई। उन्होंने स्थान उपलब्ध करवाने के लिए जिला कलेक्टर व यूआईटी प्रशासन का आभार जताया।
16 मई को हटाया गया था अतिक्रमण
बता दें कि गत 16 मई को अमरसागर क्षेत्र में खसरा नंबर 32 में काबिज पाक विस्थापित परिवारों के आशियानों को यूआईटी की ओर से हटा दिया गया था। यह मामला बाद में बहुत तूल पकड़ गया और पाकिस्तान से आए शरणार्थियों ने अगले दिन कलेक्ट्रेट के सामने धरना दे दिया था। मामले की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन ने अमरसागर से हटाए गए लोगों के लिए अस्थाई तौर पर नगर परिषद के डेडानसर स्थित रैन बसेरा में रहने-खाने का प्रबंध किया। साथ ही एक सप्ताह में विस्थापितों को बसाने के लिए जमीन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था।
मूलसागर में चिन्हित की जमीन
यह जमीन मूलसागर में चिह्नित की गई और इस पर विस्थापितों के प्रतिनिधियों ने भी सहमति जताई। जानकारी के अनुसार आगामी एक-दो रोज में नए स्थान पर विस्थापितों को बसाने का काम पूरा किया जाएगा। जमीन चिन्हित करने के बाद शरणार्थियों में खुशी की लहर है। वो एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दें रहे है। मीडिया से बात करते हुए पाक विस्थापितों ने मीडिया तथा जिला कलेक्टर का धन्यवाद ज्ञापित किया।