राजस्थान में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां 12 युवतियों की बिना दूल्हे ही शादी की तैयारियां हो रही हैं।
दरअसल प्रदेश के सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग ने दूल्हों का चयन किए बिना ही महिला सदन की 12 बालिकाओं के विवाह की तिथि घोषित कर दी है।
तय तिथि के अनुसार 17 जुलाई को इन बालिकाओं का विवाह होगा, लेकिन अभी तक इन बालिकाओं के लिए दूल्हा नहीं ढूंढे जा सके हैं।
और तो और अभी तो आवेदनों में आए योग्य वर के अंतिम चयन के लिए फॉर्म की छंटनी तक बाकी है। सदन में 12 बालिकाओं के लिए करीब 1 हजार युवकों ने आवेदन किया था।
संगानेर के महिला सदन में साल 2009-2010 में बालिकाओं की शादी हुई थी। इसके बाद मैरिज कमेटी का गठन नहीं होने पर सदन की बालिकाओं की शादी नहीं हो पाई।
अब विभाग ने आनन-फानन में कमेटी का गठन तो किया, लेकिन उसमें समाज सेवी व्यक्ति न लेकर विभाग के अधिकारियों की कमेटी बना दी।
कमेटी ने विवाह योग्य बालिकाओं के आवेदन के साथ शादी की तारीख भी तय कर दी है। जबकि योग्य युवकों के चयन के बाद मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में करीब एक महीना लग जाता है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि विभाग 18 दिन में बालिकाओं की शादी कैसे कर पाएगा।