पंजाब में ट्रैक्टर रैली का पूर्वाभ्यास किया गया।
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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों की दिल्ली में 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड की झांकी गुरुवार को पंजाब की सड़कों पर दिखाई दी। किसान संगठनों के आह्वान पर पंजाब भर में किसानों ने ट्रैक्टर परेड का पूर्वाभ्यास किया। इस परेड में पंजाब के 16 जिलों के 1245 गांवों के 15000 किसानों ने हिस्सा लिया। किसान संगठनों के आह्वाहन पर किसानों ने ट्रैक्टर परेड का पूर्वाभ्यास किया।
केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में अब किसान आंदोलन चरम पर पहुंच गया है। दिल्ली बॉर्डर पर किसान धरने पर डटे हुए हैं। वहीं किसान संगठन पंजाब में 26 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर होने वाले ट्रैक्टर मार्च को लेकर अभियान चलाए हुए हैं।
गुरुवार से किसानों ने ट्रैक्टर परेड को सफल बनाने के लिए पंजाब में पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया है। किसान संगठनों के आह्वाहन पर इस ट्रैक्टर परेड में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर के साथ हिस्सा लिया। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के आह्वाहन पर पंजाब के 16 जिलों में 1245 से अधिक गांवों के 15000 किसानों ने ट्रैक्टर परेड का पूर्वाभ्यास किया। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने को लेकर चेतावनी दी कि यह झांकी है, यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो वह बारात निकालने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
अपील : उकसावे में न आएं किसान
किसान नेताओं ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार सभी हथकंडे अपना रही है। इसलिए यह जरूरी है कि किसान किसी के उकसावे में न आएं। ट्रैक्टर परेड के पूर्वाभ्यास में शामिल किसानों से अपील करते हुए कहा कि संघर्ष की सफलता के लिए ट्रैक्टर परेड में शांति और व्यवस्था बनाए रखें। परेड के दौरान उकसावे की कोई भी कार्रवाई केवल किसान संघर्ष को कमजोर करने का काम करेगी।
26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर परेड का पंजाब में पूर्वाभ्यास जारी रहेगा। शुरूआत में 16 जिलों के 1245 गांवों में 15000 ट्रैक्टरों की परेड की गई। इनमें पंजाब के पटियाला, बरनाला, मनसा, मोगा, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, अमृतसर के गांवों के किसानों ने हिस्सा लिया। सुखदेव सिंह कोकरी कलां, महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)