डीसी वरिंदर शर्मा ने बताया कि वैक्सीन लगाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पहले से पूरी तैयारी कर रखी है। जिला प्रशासन ने टीकाकरण के लिए 46 साइटों का चयन कर रखा है। इसमें 20 सरकारी अस्पताल व 26 निजी अस्पताल को सेंटर बनाया गया है। पहले जिले भर में 112 टीमों का गठन किया गया था, अब इनकी संख्या बढ़ाकर 224 कर दी गई है।
सिविल सर्जन डॉक्टर सुखजीवन कक्कड़ ने बताया कि सभी ट्रायल पूरे होने के बाद ही वैक्सीन को जारी किया गया है। घबराने की बात नहीं है। डीएमसी के डॉक्टर विश्व मोहन ने बताया कि वैक्सीन को लेकर किसी तरह का भ्रम न रखें। एक व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज दी जाएगी।
जालंधर पहुंचीं 16490 खुराकें
जालंधर में गुरुवार दोपहर दो बजे सिविल सर्जन दफ्तर में कोरोना वैक्सीन की 16, 490 खुराकें पहुंच गईं। सिविल सर्जन डॉ. बलवंत सिंह का कहना है कि चंडीगढ़ से ड्राइवर अवतार सिंह सुबह छह बजे वैक्सीन वैन लेकर जालंधर के लिए रवाना हुए थे। दोपहर दो बजे यह वैक्सीन सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच गई। 16 जनवरी से कोरोना का टीकाकरण शुरु होगा। पहले चरण में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगेगा।
हर सेंटर में छह मुलाजिमों की एक टीम तैनात रहेगी। एक सेंटर में रोजाना 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। मुख्य स्टोर जालंधर सिविल अस्पताल में स्थापित किया गया है। इसके अलावा सिविल अस्पताल नकोदर व बस्ती गुजां में भी वैक्सीन का स्टोर बनाया गया है। वैक्सीन की एक शीशी में 10 खुराक हैं।
यह वैक्सीन हर व्यक्ति को 0.5 एमएल दी जाएगी। जिले में कुल 29 सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें 13 सरकारी व 16 प्राइवेट अस्पतालों में हैं। सबसे पहले जिन फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने की बात की जा रही है, जिले में उनकी संख्या 11800 है।