बैठक की शुरुआत में मंत्रिमंडल ने किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों की याद में दो मिनट का मौन रखा। आंदोलन के दौरान लगभग 78 किसानों की मौत हो चुकी है। कैबिनेट ने यह भी कहा कि इस संघर्ष के मौके पर और जानी नुकसान से बचने के लिए इस समस्या का जल्द निपटारा किए जाने की जरूरत है। केंद्र सरकार को इस मसले को प्रतिष्ठा और अभिमान का सवाल नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यदि यह मुद्दा अनसुलझा रहा तो कई दशकों तक देश को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
देशभर में लाखों किसानों के भविष्य पर प्रभाव पड़ा
प्रस्ताव के मुताबिक, सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत तौर पर संवाद करने और विचार-विमर्श किए जाने की जरूरत है क्योंकि इन कानूनों के साथ देशभर में लाखों किसानों के भविष्य पर प्रभाव पड़ा है। पंजाब कैबिनेट ने किसानों द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष किए जाने की भी सराहना की।